भोपाल ( कशिश मालवीय ) एक तरफ देश में बेटी बचाओं , बेटी पढ़ाओ का नारा है वहीं दूसरी और राजधानी के एक हॉस्टल की सामने आ रही खबर इसके उलट कुछ और बयां कर रही है भोपाल के पंचशील नगर स्थित शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्दालयीन कन्या छात्रावास की छात्राएं यहां पढ़ाई कम और अपनी बुनियादी जरूरतों व सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं | हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है बाहरी तत्व लगातार खिड़कियों को निशाना बना रहे हैं रविवार की पत्थरबाजी ने छात्राओं को हिला दिया है छात्राओं का कहना है कि उनके पास इस करतूत की पूरी रिकॉर्डिंग मौजूद है , फिर भी पुलिस और प्रशासन हमलावरों पर कार्रवाई करने के बजाय मामला रफा – दफा कर रहे हैं सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा गार्डों की कमी से छात्राएं अपने ही हॉस्टल में असुरक्षित महसूस कर रही हैं |
29 मार्च को छात्रों को परोसी गई खीर में कीड़े तैरते मिले सब्जी में पनीर का टुकड़ा रबर जैसा सख्त था छात्राओं ने जब जागरूक होकर इस पर आयोडीन सॉल्यूशन डाला तो पनीर काला पड़ गया जो मिलावट और स्टार्च की उपस्थिती की पुष्टि करता है छात्राओं का आरोप है कि पिछले छह महीनों से उन्हें पानी जैसी पतली दाल और कच्ची रोटियां दी जा रही हैं जिससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है |
इससे पहले 7 नवंबर 2025 को भी लिखित शिकायत दी गई थी लेकिन विभाग के आला अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया प्रशासन की यह बेरुखी सीधे तौर पर अनुसूचित जाति की छात्राओं के शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकार का हनन है इसके लिए शिक्षा विभाग के साथ सुरक्षा के मुद्दे पर असंवेदनशील पुलिस भी जिम्मेदार है |
छात्राओं ने वार्डन से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक गुहार लगाई लेकिन समाधान के बजाय उन पर ही दवाब बनाया जा रहा है आरोप है कि वार्डन छात्राओं से कोरे कागज पर यह लिखवा रही हैं कि उन्हें प्रबंधन से कोई शिकायत नहीं है हद तो तब हो गई जब शिकायत वापस लेने के लिए छात्राओं के परिजनों को बुलाकर उन पर मानसिक दबाव बनाया गया |
छात्राओं ने प्रशासन से मांग कि है कि भोजन आपूर्ति करने वाले वेंडर और हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए उनका कहना है कि यह उनके सम्मान सुरक्षा और भविष्य का मामला है यदि जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हमें मजबूर होकर उग्र आंदोलन करना पड़ेगा |
Lok Jung News Online News Portal