- *फास्टैग के नाम पर ज्यादा टोल वसूला तो लौटाना होगा पैसा*
कंपनी की याचिका खारिज
भोपाल,
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया तथा न्यायाधीश प्रदीप मित्तल की संयुक्तपीठ ने भोपाल-देवास फोरलेन पर फास्टैग प्रणाली के जरिए तीन एक्सल बसों से अधिक टोल वसूली के मामले में टोल वसूलने वाली कंपनी की याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अतिरिक्त वसूली गई राशि केवल शिकायतकर्ता परिवहन कंपनी ही नहीं, बल्कि सभी प्रभावित वाहन मालिकों और परिवहन संचालकों को वापस की जानी चाहिए। इसके साथ ही न्यायालय ने याचिकाकर्ता कंपनी पर 25 हजार रुपये की कास्ट भी रोपित की है। उक्त कास्ट की रकम मुख्यमंत्री राहत कोष, मध्य प्रदेश में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
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