भोपाल (कशिश मालवीय) एक आरटीआई कार्यकर्ता की ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है भ्रष्टाचार मिटाने के लिए बना आरटीआई का हथियार अब वसूली का जरिया बनने लगा है अस्पताल को बदनाम करने का डर दिखाकर लाखों रुपए ठगने का प्रयास किया लेकिन मामला पुलिस तक पहुंचते ही इस पूरे खेल की पोल खुल गई | अस्पताल की छवि खराब करने की धमकी देकर अस्पताल संचालक से 10 लाख रुपए की डिमांड करने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट और उसके दो यूट्यूबर साथियों के खिलाफ निशातपुरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है आरोपियों पर ब्लैकमेलिंग , धमकी और एससीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है सबूत जुटाने के लिए के लिए अस्पताल का स्टिंग कर कॉल रिकॉर्डिंग करनी पड़ी |
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले भी कई अस्पताल संचालकों को ब्लैकमेल कर इसी तरह मोटी रकम वसूली है हालांकि अन्य डॉक्टर अभी सामने नहीं आए हैं इस रैकेट में कई यूट्यूबर्स के शामिल होने की जानकारी भी मिली है फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है |
थाना प्रभारी ने बताया कि करोंद स्थित सृष्टि अस्पताल के संचालक डॉ. राजकुमार सूर्यवंशी ने शिकायत दर्ज कराई है कमल नगर में रहने वाले नीरज यादव ने नवंबर 2025 में अपने दो साथियों अक्षय शर्मा और धनराज राजपूत के साथ उनके संपर्क किया कहा कि उसने आरटीआई के तहत जानकारी निकाली है इसे सार्वजनिक कर अस्पताल और उनकी छवि खराब कर सकता है इसके बदले 10 लाख रुपए मांगे आरोपियों ने सागर गैरे जेल रोड की एक चाय दुकान पर भी उन्हें डराया – धमकाया नवंबर 2025 से तीनों आरोपी अस्पताल आकर लगातार दबाव बना रहे थे बाद में 6 लाख रुपए की डिमांड करने लगे |
डॉक्टर के सहयोगियों ने आरोपियों का स्टिंग कर वॉइस रिकॉर्डिंग की इसमें वे अस्पताल का नाम बदनाम करने और आरटीआई की जानकारी वायरल कराने की धमकी दे रहे थे जांच के बाद नीरज , अक्षय और धनराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है पुलिस मामले की जांच कर रही |
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