भोपाल: ( नेहा शेख ) पुलिस के सबसे सुरक्षित नेटवर्क में गिने जाने वाले सिस्टम में साइबर सेंधमारी की एक गंभीर घटना सामने आई है। राजधानी के अयोध्या नगर थाने के एक कंप्यूटर पर रैनसमवेयर हमला हुआ है, जिससे पूरा पुलिस सिस्टम ब्लॉक हो गया है। प्रदेश के इतिहास में पुलिस थाने के सर्वर पर इस तरह का यह पहला रैनसमवेयर हमला बताया जा रहा है।
कामकाज पर असर: यह घटना ऐसे संवेदनशील समय पर हुई है जब पुलिस मुजरिमों की जांच-पड़ताल, सबूत जुटाने, समन-वारंट तामील करने और कोर्ट से जुड़े काम ऑनलाइन अंजाम दे रही है।
क्लाइंट सिस्टम पर हमला और तकतीकी कार्रवाई: एसीपी मनोज शाह के मुताबिक, करीब चार दिन पहले सीसीटीएनएस के क्लाइंस सिस्टम में रैनसमवेयर अटैक हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही तकनीकी टीम एक्टिव हुई और संबंधित सिस्टम को तुरंत मुख्य सर्वर से अलग कर दिया गया, जिससे वाइरस मुख्य सर्वर तक नहीं पहुंच सका और थाने की रोजाना की वोर्किंग जारी रही। हालांकि, एफआईआर और रिकॉर्ड से जुड़े कुछ काम प्रभावित हुए हैं।
जांच मे अडचन और बिटकॉइन की मांग: जांच के दौरान जब नेटवर्क कटा, तो हमलावर का सर्वर से संपर्क टूट गया। इससे स्क्रीन पर एक रैनसम नोट दिखा, जिसमें बिटकॉइन वॉलेट का जिक्र था और हमलावर के डिजिटल फुटप्रिंट का पता नहीं चल सका।
रिकवरी और डेटा की स्थिति: साइबर जानकारों का कहना है कि यह फिरौती का अधूरा अटैक था। रिकवरी न के बराबर है और रैनसमवेयर हमलों में डेटा रिकवर होने की संभावना शून्य होती है। यदि इस सिस्टम में किसी केस की विवेचना, गवाहों के बयान या खुफिया जांच से जुड़ी फाइलें थीं, तो उन्हें बिना डिक्रिप्शन के हासिल करना काफी कठिन होगा।
इस मामले में एमपी-सर्ट को सूचना दे दी गई है। पुलिस को जो भी डिजिटल सुराग मिले है, उनके आधार पर ज्वोइंट डाइरेक्टर(एमपी-सर्ट) वैभव श्रीवास्तव और उनकी फोरेंसिक टीम मिलकर तकनीकी जांच कर रही है।
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