देवास/भोपाल: ( नेहा शेख ) देवास जिले में एक बार फिर से जहरीली और नकली शराब का बड़ा मामला सामने आया है। पिछले तीन महीनों के भीतर यह तीसरा मौका है जब ऐसी दुखद घटना हुई है। इस बार चंदाना और बिंजाना गांव में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच 20 दिनों मे 13 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों के परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि उनके अपनों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। उनका कहना है कि शराब पीने के बाद पहले लोगों कि आंखों की रोशनी धुंधली हुई, उल्टीयां हुई और उसके बाद उन्होने दम तोड़ दिया। फिलहाल 2 मरीजो का इलाज जारी है।
प्रशासन और ग्रामीणों के दावों में अंतर
परिजनों के गंभीर आरोप: ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक चंदाना के विंटू जायसवाल और विष्णु जायसवाल से शराब खरीदते थे, जो फिलहाल फरार हैं। इन लोगों के पास ठेकेदार की अनुमति होने का दावा था और ‘डायरी सिस्टम’ के जरिए बिक्री का हिसाब रखते थे।
प्रशासन का पक्ष: देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह और एसडीएम अभिषेक शर्मा ने जहरीली शराब के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है की चंदाना में मौतों के कारण अलग हैं। वहां जब्त शराब लाइसेंसी थी और जांच में जहर की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का सवाल है कि अगर शराब में जहर था तो गांव के पानी या अन्य लोगों को असर क्यों नहीं हुआ, क्यों कि पानी तो महिलाएं और बच्चे भी पीते है।
आपबीती और घटना का ब्योरा
आंखो की रोशनी गई: मृतक किशोर(32) के पिता फूल सिंह ने बताया कि उनके बेटे ने 27 सितंबर को शराब पी थी। इसके बाद उसे दिखना बंद हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। वहीं 65 साल के बल्लू सिंह ने भी उसी समय शराब पी थी और उनकी भी जान चली गई।
साथ मे शराब पीने वाले की मौत: चंदाना के दीपक रावत(28), जितेंद्र(35) और भीमा(55) ने 15 अक्टूबर को साथ बैठकर शराब पी थी। अगले चार दिनों मे चारो की मौत हो गई। कैलाश प्रजापति(28) और संजय(25) का इंदौर के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। संजय के भाई महेश का कहना है कि शराब पीने के बाद संजय कि आंखो की रोशनी चली गई और वह आईसीयू में है। चंदाना में मोहन(50), सुनील(30) और दरबार सिंह(60) की भी मौत हो चुकी है।
बिंजाना का मामला: बिंजाना में 45 वर्षीय ओमप्रकाश की 15 अक्टूबर को मौत हुई। परिजन शराब को वजह बता रहे हैं, जबकि उनके भतीजे कमलेश ने इससे इंकार किया है। कमलेश के पिता रमेश परमार(50) की 29 सितंबर और निर्भय(60) की 15 अक्टूबर को मौत हुई थी। परिजनों के अनुसार महेश प्रजापति(40) ने मौत वाले दिन शराब नहीं पी थी, लेकिन वे नियमित सेवन करते थे।
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