भोपाल:( नेहा शेख ) राजधानी मे बदमाशो ने वारदात का एक बिल्कुल नया और खतरनाक तरीका अपना लिया है। बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियो का इस्तेमाल करके अपराधी लगातार वरदातों को अंजाम दे रहे है पिछले एक साल मे लूट और झपटमारी की 10 से ज्यादा घटनाए सामने आ चुकी है हाल ही मे महज 14 दिनो के भीतर 7 बड़ी वरदाते दर्ज की गई है। जिनमे से 4 मामलो मे खास तौर पर स्कूटी का इस्तेमाल किया गया कभी मोबाइल और चैन झपटी जा रही है तो कभी राह चलते लोगो के पर्स उड़ाए जा रहे है।
इन बदमाशो ने बढाई शहर की चिंता सिलसिलेवार वारदात
04 अक्टूबर मीना नगर: बदमाशो ने चालाकी से पहले ई-रिक्शा वाले को टक्कर मारी जैसे ही चालक नीचे उतरा आरोपियों ने उसका फोन छिना और स्कूटी पर बैठकर फरार हो गए।
09 अक्टूबर गोयल मंदिर जीएमसी के लेक्चरर डॉकटर जब अपनी स्कूटी से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते मे स्कूटी सवार बदमाशो ने उसका बैग झपट लिया और भाग निकले। उस बैग मे 2 महंगे मोबाइल फोन रखे हुए थे
05 अक्टूबर बैरसिया डेयरी संचालक जब अपना कम निपटाकर लौट रहे थे, तभी हाथ के बैग से बदमाशो ने अचानक मोबाइल और कैश पर हाथ साफ कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ हाथापाई भी की।
नंबर रिप्लेसर सक्रिय और पुलिस की सुस्ती
गाड़ियो के फर्जी नंबर और पहचान: जांच मे यहा खुलासा हुआ है कि जिन वाहनो का इस्तेमाल वारदातों मे हो रहा है उनमे से अधिकतर पर या तो कोई नंबर प्लेट नहीं है। अपराधी अपनी पहचान छुपाने के लिए पैतरा अपना रहे है।
सीसीटीवी फुटेज बेअसर: पिछले कुछ दिनो से पुलिस कि चौकसी ढीली पड़ती नज़र आ रही है, क्योकि सुदूर इलाको मे लगे सीसीटीवी फुटेज से भी अब तक अपराधियो का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।
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