भोपाल/ ( नेहा शेख )सीहोर के भेरुंदा इलाके मे वन भूमि से बेदखली और मकान ढहाने की कार्रवाई के बाद एक बड़ा खुलासा सामने आया है। सीहोर जिले की जांच रिपोर्ट मे यह स्पष्ट हुआ है कि वन भूमि पर कब्जा जमाने के लिए लोगो ने हजारो सागौन के पेड़ नष्ट कर दिए और वहा झोपड़िया बनाकर जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। वन विकास निगम मे गूगल अर्थ कि टाइमलाइन तस्वीरों को आधार बनाकर इस पूरे मामले का भंडाफोड़ किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 तक यह पूरा तरह खाली था, लेकिन बाद मे सुनील(पिता शैतान) और अन्य 11 लोगो ने खेती करने के मकसद से अस्थायी झोपड़ियों बनाकर 31.48 हेक्टेयर वन जमीन पर गैर-कानूनी कब्जा कर लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, भेरुंदा तहसील के अंतग्रत आने वाले लाइखेडी परीक्षेत्र स्थित कोसमी बीट मे वन विकास निगम के कपार्टमेंट नंबर 426 की 31.48 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। कलेक्टर की रिपोर्ट से पता चलता है की इससे पहले वर्ष 2020 की रिपोर्ट के अनुसार सामान्य वनमंडल से यह जमीन वन विकास निगम(सीहोर परियोजना मंडल) को हस्तांतरित की गई थी, जिस पर निगम ने वर्ष 2021 मे 135 हेक्टेयर क्षेत्रफल मे 3,37,500 सागौन के पौधे रोपे थे।
बेदखल किए गए 9 कब्जेदारों का सच पहले से मौजूद थे पक्के आशियाने; कार्रवाई के दौरान हटाए गए सभी 9 कब्जेदारों के पास सिंहपुर और हबीबगंज मे पहले से ही पक्के मकान बने हुए थे और उनके पास वोटर आईडी कार्ड भी मौजूद थे। अतिक्रमण हटाने की मुहिम के तहत सभी 9 झोपड़ियों को ढहाया गया, अवैध किओं को मिट्टी-मसूम से भरवाया गया और पूरी प्रिक्रिया की ड्रोन वीडियोग्राफी भी कराई गई इस कार्रवाई के विरोध मे वन विकास निगम के डिपो के बाहर पिछले 3 दिनो से धरना-प्रदर्शन भी जारी है।
जांच रिपोर्ट मे यह सामने खुलासा हुआ है की राजस्व अधिकारियों के हवाले से एक एसी रिपोर्ट तैयार कराई गई थी जिसमे इन सभी 9 लोगो को भूमिहीन दिखाया गया था, जबकि हकीकत यह है की उनके पास पहले से पक्के मकान और वोटर कार्ड उपलब्ध थे
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