भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवा एक बार फिर सुर्खियों में आई इंदौर शहर के एमवाय अस्पताल के एनआईसीयू में चूहे के कतरने से मौत का मामला सामने आया था इसके घाव अभी भरे नहीं थे कि राजधानी के जाने – माने भोपाल एम्स अस्पताल के एनआईसीयू में भी चूहों की आहाट आ गई है इंदौर के बाद भोपाल एम्स के एनआईसीयू में चूहों की मौजूदगी ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और स्वच्छता के बड़े – बड़े दावों के बीच पोलखोल कर रख दी |
स्टाफ कई दिनों से चूहों की आवाजाही की शिकायत कर रहा था प्रबंधन को जानकारी दी गई लेकिन तुरंत कार्रवाई नहीं शिकायतें बढ़ने के बाद पेस्ट कंट्रोल कराया गया इसके बाद भी चूहों के दिखने की शिकायतें सामने आई हैं इससे मॉनिटरिंग सिस्टम पर सवाल उठे हैं |
डब्ल्यूएचओ आईसीएमआर और नियोनेटोलॉजी ग्राइडलाइंस के अनुसार एनआईसीयू पूरी तरह पेस्ट – फ्री होना चाहिए चूहों के लिए जीरो टॉलरेंस नीति है नियमित सैनिटाईजेशन ऑडिट जरूरी |
भोपाल एम्स मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. विकास गुप्ता बोले – अभी पेस्ट कंट्रोल प्रक्रिया तो सघन किया जा रहा है जिसके कारण चूहे एवं कॉकरोच सेंट्रलाइज्ड कूलिंग सिस्टम / टावर्स की फॉल्स सीलिंग से बाहर निकलकर वार्डों के अंदर दिखाई दे रहे हैं |
इंदौर जैसी घटना भविष्य में अब न हो समय रहते एम्स के मामले को गंभीरता से लेकर मासूम बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ न करते हुए प्रबंधन को हादसा होने से रोकने के लिए कोई ठोस योजना बनाना होगी |
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