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वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए दूसरों के नाम – नंबर से हजारों फर्जी आपत्ति दर्ज साजिश की आशंका पर जांच के निर्देश…..


भोपाल कशिश मालवीय ) राजधानी भोपाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के दौरान दूसरों के नाम और नंबर का इस्तेमाल कर वोट कटवाने की 9000 हजार से ज्यादा फर्जी आपत्तियां लगाने का बड़ा खेल सामने आया है | कोटरा में रहने वाले पुलिसकर्मी माधव प्रसाद जोशी दक्षिण – पश्चिम विधानसभा के वोटर हैं पिछले दिनों उनके नाम और मोबाइल नंबर के जरिये अज्ञात व्यक्ति ने फॉर्म – 7 भर दिया इसमें कमला नगर निवासी फिरोज खान का नाम काटने का आवेदन दिया गया कहा गया कि फिरोज यहां नहीं रहते जांच के दौरान माधव को एसडीएम कार्यालय में बुलाया गया तो उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने न तो कोई फॉर्म भरा और न ही किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति की है फॉर्म पर मौजूद साइन भी उनके नहीं थे इसके बाद उनके नाम से दर्ज आपत्ति खारिज कर दी गई |

इसी तरह जितेंद्र माझी के नाम से एसडीएम कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई गई इसमें नया बसेरा निवासी अनीस खान का नाम हटाने का आवेदन दिया गया जांच में पता चला कि जितेंद्र मजदूरी करते हैं उन्होंने कोई फॉर्म नहीं भरा जितेंद्र और अनीश एक – दूसरे को जानते तक नहीं हैं यह सिर्फ दो मामले नहीं हैं भोपाल जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में अब तक 9,037 फॉर्म जमा किए जा चुके हैं फॉर्म – 7 वह प्रक्रिया है जिसके जरिए किसी मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए कोई आपत्ति लगा सकता है सबसे गंभीर स्थिति नरेला विधानसभा में है जहां अकेले 4,882 फॉर्म – 7 दाखिल हुए हैं यानी जितने नाम हटाने के आवेदन हैं उनमें से दूसरा यहीं का है |

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए हैं आशंका जताई जा रही है कि एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए सुनियोजित साजिश के तौर पर फॉर्म 7 का इस्तेमाल किया जा रहा है चिंता की बात यह है कि यदि आपत्ति स्वीकार हो जाती है तो मतदाता का नाम सूची से हट सकता है और कई बार उन्हें इसकी जानकारी मतदान के दिन मिलती है |

उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने कहा – भोपाल में फॉर्म 7 की जो भी आपत्ति विभिन्न एसडीएम के यहां पर आई हैं उनकी जांच की ज़िम्मेदारी बीएलओ को थमा दी गई है फील्ड वेरिफिकेशन के बाद संबंधित वोटर को नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा उसका पक्ष सुनने और जांच के बाद ही उसका नाम हटाया जाना है या नहीं इस पर फैसला लिया जाएगा |

 

 

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