भोपाल ( कशिश मालवीय )14 राज्यों में आतंक का पर्याय बनी गैंग अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे से संचालित दो संगठित गिरोहों राजू ईरानी और काला ईरानी के 21 कुख्यात सदस्यों की भोपाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुंडली खोल दी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राजू ईरानी गैंग में 9 जबकि काला ईरानी गैंग में 12 सदस्य शामिल हैं ये दोनों गिरोह मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में लूट डकैती और ठगी जैसी गंभीर वारदातों में संलिप्त रहे हैं पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गैंग की हिस्ट्री खुलने से अब इनके सदस्यों पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी और भविष्य में किसी भी अपराध की स्थिति में संगठित अपराध की धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी वर्तमान में काला और उसकी गैंग के सदस्य फरार हैं | जिनकी तलाश की जा रही है. वहीं राजू ईरानी महाराष्ट्र पुलिस की रिमांड पर है उसके खिलाफ लूट और मकोका के तहत प्रकरण दर्ज हैं पुलिस का कहना है कि दोनों गिरोहों के नेटवर्क और गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है |
इधर , राजधानी की एक अदालत में दो मृतक जमानतदारों को पेश कर 5 और 6 जनवरी को 14 ईरानियों की जमानत कराने वाले दो वकील दो नोटरी कर्ता और दो फर्जी जमानतदार फरार हो गए हैं। कोर्ट के आदेश पर निशातपुरा पुलिस ने 29 जनवरी को कूटरचित दस्तावेज़ तैयार कर धोखाधड़ी कर प्रकरण दर्ज किया है अदालत ने 14 ईरानियों की जमानत निरस्त कर दी थी पुलिस ने पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया जबकि शेष नौ ईरानी फरार हैं। 14 ईरानियों व्दारा दोबारा जमानत के लिए लगाई गई याचिका भी खारिज हो चुकी है निशातपुरा थाना पुलिस ने 27 और 28 दिसंबर को अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर महिलाओं को पकड़ा था एडीजे जयंत शर्मा की अदालत में जमानत सुनवाई के दौरान मृत व्यक्तियों को जमानतदार बताकर दस्तावेज़ पेश किए गए जो जांच में फर्जी पाए गए इसी मामले में वकील , नोटरी आदि फरार हैं |
एडीजे जयंत शर्मा की कोर्ट से नौबार उर्फ नव बहार , सलमान अली , फातिमा अली , सकीना , यास्मीन अली , अप्सरा , तनु , जीशान , अली ईरानी , फायज ईरानी , सादिक़ हुसैन , तौफीक हुसैन , मोहम्मद अली और हजरत रकीब की जमानत मंजूर की गई थी आरोपियों की तरफ से एडवोकेट मोहम्मद नजर खान और मोहम्मद साजिद खान ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थीं जमानत के लिए मुगालिया कोट निवासी मृतक जमील रहमान खान और झापड़िया बगोनिया निवासी मृतक अनवर जहां को जमानतदार के रूप में पेश किया गया था |
इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जिला अदालत के आदेश पर निशातपुरा थाने में फर्जी जमानतदार अनवर जहां , जमील उल रहमान , वकील नजर खान , मोहम्मद साजिद खान , नोटरी कर्ता संजय कुमार विश्वकर्मा एवं संदीप सराठे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी निशातपुरा थाने में एफआईआर होने के बाद वकील नजर खान , मोहम्मद साजिद खान , नोटरी कर्ता संजय कुमार विश्वकर्मा , संदीप सराठे और फर्जी जमानत ईरानी दंपत्ति फरार हो गए हैं पुलिस उनकी तलाश में जुटी है वहीं घटनास्थल कोर्ट परिसर होने के कारण कोर्ट आदेश पर आगे की विवेचना के लिए केस डायरी निशातपुरा से थाना एमपी नगर ट्रांसफर कर दी गई है।
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