भोपाल। जमीअत उलमा-ए-हिंद देश के मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे पुराने संगठनों में से एक है, जिसने भारत की आज़ादी की लड़ाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जमीअत उलमा-ए-हिंद देश के मुसलमानों के मसाइल के समाधान के साथ-साथ शिक्षा, समाज सेवा, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तामीरी कार्यक्रम चला रही है।
जमीअत उलमा-ए-हिंद का एक अहम शोबा “जमीअत सद्भावना मंच” है, जिसे पूरे देश में आपसी एकता, अखंडता, भाईचारा, अमन और सद्भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से कायम किया गया है। यह मंच विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच आपसी संवाद, मोहब्बत, विश्वास और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
मध्य प्रदेश में भी जमीअत सद्भावना मंच प्रदेश में अमन, शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय है और विभिन्न सामाजिक एवं सद्भावना गतिविधियों के माध्यम से लोगों को आपसी एकता और भाईचारे का संदेश दे रहा है।
इसी क्रम में जमीअत उलमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने हिफ़्ज़ुर्रहमान सिद्दीकी एडवोकेट को जमीअत सद्भावना मंच का प्रादेशिक कन्वीनर नियुक्त किया है। साथ ही हाजी मोहम्मद इमरान को मंच का सहायक कन्वीनर नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों पर जमीअत उलमा मध्य प्रदेश के सभी जिम्मेदारों ने हिफ़्ज़ुर्रहमान सिद्दीकी एडवोकेट और हाजी मोहम्मद इमरान को मुबारकबाद देते हुए उम्मीद जताई है कि दोनों पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए प्रदेश में अमन, भाईचारा, आपसी मोहब्बत, राष्ट्रीय एकता और सर्वधर्म सद्भावना को और अधिक मजबूत बनाने में सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे उक्त जानकारी मीडिया को संगठन सचिव एडवोकेट मोहम्मद कलीम ने दी।
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