भोपाल, 2 अगस्त। मध्य प्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच के तत्वावधान में दाऊदी बोहरा समाज के सम्मानित सामाजिक, मिल्ली एवं मानवतावादी व्यक्तित्व मरहूम शैख़ हातिम अली साहब की याद में दारुल क़रार (खानू गाँव, वी.आई.पी. रोड, भोपाल) में सर्वधर्म श्रद्धांजलि सभा (जलसा-ए-ख़िराज-ए-अक़ीदत) का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सर्वधर्म सद्भावना मंच के पदाधिकारी एवं जमीअत उलमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून, श्री राजेंद्र कोठारी, डॉ. फादर आनंद मुतुंगल, शैलेंद्र शैली, पंडित महेंद्र शर्मा, शैख़ मुस्तफा अली, साबिर अली, शाक्यपुत्र भन्ते सागर, गुरुचरण सिंह अरोड़ा, हाजी मोहम्मद इमरान हारून, संतोष कुमार जैन तथा मुफ्ती राफे अली,आरिफ अली खान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए मरहूम शैख़ हातिम अली साहब के जीवन, सेवाओं और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
सभा में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर मरहूम शैख़ हातिम अली साहब को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया तथा उनके व्यक्तित्व, समाजसेवा, इंसान-दोस्ती और मानवता के प्रति समर्पण को भावपूर्ण शब्दों में याद किया।
कार्यक्रम का आगाज़ मोहम्मद हुज़ैफ़ा अली की तिलावत-ए-क़ुरआन पाक से हुआ। इसके बाद मरहूम अल शैख़ हातिम अली साहब के सुपुत्र शैख़ मुर्तुज़ा अली ने अपने वालिद मरहूम की ज़िंदगी, ख़िदमात और बुलंद अख़लाक़ पर तास्सुराती ख़िताब करते हुए उन्हें ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया।
इस अवसर पर जमीअत उलमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने कहा कि मरहूम शैख हातिम अली साहब से उनके दशकों पुराने घरेलू और आत्मीय संबंध थे। उन्होंने कहा कि मरहूम ने केवल दाऊदी बोहरा समाज की ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की निःस्वार्थ सेवा की। वे हिंदू-मुस्लिम एकता, आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव, इंसानियत और सेवा-भाव के प्रतीक थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति के साथ अपनत्व और हमदर्दी का व्यवहार किया। यही कारण था कि वे सभी समुदायों में समान रूप से सम्मानित, लोकप्रिय और सर्वप्रिय थे।
सभा में उपस्थित विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मरहूम शैख़ हातिम अली साहब का जीवन समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने सेवा, सद्भाव, प्रेम, सहिष्णुता और इंसानियत की जो मिसाल कायम की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेगी। वक्ताओं ने उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत को अपनी असीम कृपा प्रदान करे तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति अता फरमाए।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद कलीम खान एडवोकेट ने किया। अंत में मोहम्मद भाई ने कार्यक्रम में पधारे सभी धर्मगुरुओं, अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का शुक्रिया अदा करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन मरहूम शैख़ हातिम अली साहब को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा उनके लिए शांति, मग़फ़िरत की दुआ एवं प्रार्थना के साथ हुआ।
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