भोपाल|( नेहा शेख ) एक हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले मे मुख्य आरोपी मोहित गोगिया ने जांच एजेंसियों के सामने कई चौकने वाले खुलासे किए है| गोगिया का दावा है कि मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम के ओएसडी और तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचुरा ने टीटी नगर स्थित दो शराब दुकानों का ठेका दिलवाने के बदले 1 करोड़ रुपये कि रिश्र्वत ली थी|
दो किस्तों मे दी गई रिश्र्वत कि रकम बयान के अनुसार, यह रकम दो अलग-अलग तरीको से पहुंचाई गई| पहले 50 लाख रूपये नकद दिये गए, जबकि बाकी के 50 लाख रूपये ओएसडी के मित्र के आईएसबीटी स्थित होटल के खाते मे ट्रान्सफर कराए गए थे| आरोपी का यह भी कहना है कि इन दुकानों पर बिना लाइसेंस वाली शराब बेचने मे ओएसडी ने उसकी मदद की थी|
“प्रदेश मे भ्रष्टाचार नंगा नाच जारी, मंत्रियो पर उठे गंभीर सवाल”
॰ मामले और शिकायते: लोकयुक्त और ईओडबल्यू के पास 4000 से अधिक शिकायते दर्ज है, जिसमे से 1500 से ज्यादा पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है|
॰ रंगे हाथो गिरफ्तारी: लोकयुक्त पुलिस हर साल औसतन 200 से 250 सरकारी अफसरो-कर्मचारीयो को रिश्र्वत लेते पकड़ती है|
॰ बड़े मामले: व्यापम, पटवारी भर्ती, नर्सिंग और महाकाल लोक निर्माण जैसे चर्चित मामलो मे कई मंत्रियो व वरिष्ठ अधिकारी पर आरोप लग चुके है|
॰ कैग का खुलासा: विभिन्न विभागो मे 60,000 करोड़ से अधिक के खर्च का हिसाब लंबित है|
पहले भी भोपाल मे 1814 करोड़ के ड्रग्स कांड को लेकर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का नाम विवादो मे आ चुका है| गुज़रात एटीएस और एनसीबी ने भोपाल के पास एक अवैध एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा किया था,जहाँ से 1814 करोड़ मूल्य की ड्रग्स बरामद की गई थी|
तस्वीरों वायरल और कांग्रेस का आरोप इस मामले के मुख्य आरोपियों मे से एक (हरिगोविंद आंजना) की तस्वीरे उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के साथ सोशल मीडिया पर सामने आई| कांग्रेस ने आरोप लगाया की आरोपी डिप्टी सीएम का करीबी है और राजनीति संरक्षण मिलने की वजह से ही इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स का कारोबार चल रहा था|
ओएसडी की सफाई: ‘आरोप पूरी तरह मगढंत’ दूसरी तरफ, ओएसडी दीपम रायचुरा ने इन सभी दावो को सिरे से खारिज कर दिया है| उन्होने कहा, “मुझे किसी भी जांच एजेंसी से कोई आधिकारिक नोटिस नही मिला है| गोगिया से मेरी पहचान सिर्फ एक लाइसेंसधारी कारोबारी के तौर पर थी| मेरे खिलाफ लगाए गए रिश्र्वत के सभी आरोप पूरी तरह से झूठे और मनगढंत है|”
कई बार नाम और अफसर भी जांच के दायरे मे इस मामले मे भोपाल के कई नामी व्यसायियों और नेताओ के नाम भी सामने आ रहे है| इसके अलावा, कार्यवाई रुकवाने के नाम पर एक पुलिस अधिकारी और एक संदिध्न व्यक्ति से 50 लाख रूपये मांगने की बात भी सामने आई है, जिसकी गहन जांच जारी है|
Lok Jung News Online News Portal