भोपाल: ( नेहा शेख ) विदिशा जिले की सिरोंज जनपद पंचायत में सामने आए 30.18 करोड़ रूपये के फर्जी विवाह सहायता घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सम्पत्तियों को जब्त करना सुरू कर दिया हैं, ईडी के भोपाल ज़ोनल ऑफिस ने पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के साले और तत्कालीन जनपद सीईओ शोषित त्रिपाठी तथा उनके सहयोगी हेमंत साहू के नाम दर्ज 5.37 करोड़ रूपये की अचल सम्पत्तियों को अस्थायी तौर पर कुर्क कर लिया है, यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिग एक्ट के प्रावधानों के अंतगृत की गई है इससे पहले ‘द इंडोवर्ल्ड भोपाल’ ने सिरोंज के तत्कालीन सीईओ शोषित त्रिपाठी और अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसी एफआईआर को आधार बनाकर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिग के मामलों की जांच शुरू की थी।
मध्य प्रदेश शासन की और से विवाह सहायता योजना के अंतगृत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियो की शादी के लिए 51 हजार रूपये की वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाती है लेकिन इस योजना में बड़े पैमाने पर धांधली की गई। ईडी की जांच में यह बात सामने आई कि त्रिपाठी ने साल 2019 से 2021 के दौरान जनपद सीईओ के पद पर रहते हुए मिलीभगत से 5,923 संदिन्ध विवाह मामलों में 30.18 करोड़ रूपये के सरकारी फंड कि फर्जी स्वीकृति दी और उसका भुगतान भी करवा लिया
इस पूरे फर्जीवाड़े में अपात्र लोगों के दस्तावेजों का बिना उनकी जानकारी और सहमति के गलत इस्तेमाल किया गया। अपराधियों ने इन जाली दस्तावेजों के आधार पर ही कई फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे ईडी कि तलाश में यह बात भी खोलने का एकमात्र मकसद इस योजना कि राशि को दूसरे खातों में ट्रान्सफर करना था, सरकारी फंड जमा होते ही बिचौलिया तुरंत नकद राशि निकाल लेते थे
ईडी ने इस मामले से जुदे कई महत्वपूर्ण और आपत्तीजनक दस्तावेज़ तलाशी के दौरान जब्त किए थे इसके बाद, केंद्रीय एजेंसी ने मुख्य आरोपी शोषित त्रिपाठी को 2 सितंबर 2026 जी पीएमएलए के प्रावधान के तहत गिरफ्तार कर लिया था फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत मे जेल में बंद है और इस पूरे मामले की आगे की जांच लगातार जारी है।
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