शिवपुरी : 07/01/2025 : गौरतलब है कि कॉपरेटिव बैंक के चार महाप्रबंधकों के कार्यकाल में कोर बैंकिंग प्रभारी सहित अन्य स्टाफ की मिलीभगत से चपरासी राकेश पाराशर ने प्रदेश के सबसे बड़े 80.56 करोड़ के कॉपरेटिव बैंक घोटाले को अंजाम दिया है | 11 जनवरी 2022 को दर्ज एफआईआर की 3 साल की विवेचना में पहली गिरफ्तारी 6 जनवरी 2025 को निलंबित बैंकिंग सहायक सौरभ मेहर की हो गई है | सौरभ मेहर के समय करीब 25 करोड़ की हेराफेरी हुई है, पुलिस 14 आरोपियों की गिरफ्तारी 90 दिन में करेगी | पुलिस विवेचना में आरोपियों की संख्या 100 से अधिक पहुँचने की संभावना है |
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