भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश में इस साल कि दीपाली पर कार्बाइड गन का कहर देखने को मिला जिससे पूरे प्रदेश में हलचल मची गई है | देसी पटाखा गन यानी कार्बाइड गन से प्रदेशभर में अब तक 292 लोगों की आंखों में जलन और चोट के मामले सामने आ चुके हैं | अकेले भोपाल में ही 160 से अधिक लोग घायल हुए हैं , अब प्रशासन हरकत में आया है | कार्बाइड गन कहां से आई , किसने बनाई और कौन बेच रहा था , पता लगाने के लिए जांच शुरू हो गई है | पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं , उनसे पूछा जा रहा है कि गन कहां से खरीदी , घटना कैसे हुई |
घटना के बारे में 14 वर्षीय करन पंथी ने बताया कि करोंद के पास से 150 रुपए में एक ठेले से गन खरीदी थी , कई बार चलाने के बाद कुछ नहीं हुआ | 21 तारीख को जब गन नहीं चली तो उसकी नाल की तरफ आंख से देख रहे थे , तभी अचानक से गन चल गई डॉक्टर्स की टीम ने उसका ऑपरेशन कर दिया है | परिजनों ने बताया कि अभी भी साफ नहीं दिख रहा है |
भोपाल कलेक्टर कौशेलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि 9 अक्टूबर को अवैध पटाखों की जांच के लिए अभियान चलाया गया था | इस दौरान लगभग 50 से ज्यादा कार्बाइड गन एसडीएम की टीम ने जब्त की थीं | देव उठनी ग्यारस , नव वर्ष और शादियों में गन के प्रयोग न हो , इसलिए कार्बाइड गन खरीदने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश अनुसार हमीदिया में भर्ती बच्चों के परिजनों को रेड क्रॉस के जरिए 5 – 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है |
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जिन जिलों में बच्चों व अन्य लोगों की आंखों को नुकसान हुआ है , वहां छापामारी की गई है | जहां ज्यादा प्रकरण थे , उन जिलों में प्रतिबंध लगा दिया गया है | कलेक्टरों के साथ तमाम अधिकरियों को निर्देश दिया गया है कि इलाज में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी | हमीदिया में 7 बच्चों के भर्ती होने की जानकारी मिली है |
बाग सेवनीय थाना प्रभारी अमित सोनी के मुताबिक प्रधान मंडपम 80 फीट रोड कर एक युवक बोरी में कुछ बेच रहा था | पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसने अपना नाम भय्यु चौहान बताया | न्यू आंबेडकर नगर कोलार निवासी रोड निवासी भय्यु के पास से 42 कार्बाइड गन , 29 लाइटर और कार्बाइड के टुकड़े जब्त किए गए | पुलिस ने भय्यु पर विस्फोटक पदार्थ को लापरवाही पूर्वक रखने की धारा 288 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है | इसमें छह माह तक की सजा और 5000 रू तक जुर्माने की सजा का प्रावधान है |
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