भोपाल ( कशिश मालवीय ) दिल्ली पुलिस ने स्पेशल सेल ने ( आईएसआईएस ) मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आतंकियों को गिरफ्तार किया | भोपाल में रहने वाला 20 वर्षीय सीए स्टूडेंट आरोपी अदनान खान उर्फ अबू मोहम्म्द को 18 अक्टूबर की अलसुबह करोंद से पकड़ा गया | वहीं , साथी मोहम्म्द अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब (19) को दिल्ली के साकेत नगर स्थित घर से गिरफ्तार किया गया | मोहम्म्द अदनान के घर से प्लास्टिक बम , मोलोटोव कॉकटेल , आईईडी टाईमर और आईएस का झंडा बरामद हुआ | दिवाली पर दिल्ली के सकेत मॉल और पार्किंग में घमाके करने के लिए इन्होंने 12 बार रेकी भी की थी |
अदनान भोपाल का रहने वाला है | इसके पिता निजी कंपनी में अकाउंटेंट हैं और माँ पार्ट – थिएटर आर्टिस्ट हैं | 12वीं पास है चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए की पढ़ाई कर रहा था |
मोहम्म्द अदनान एटा , उत्तरप्रदेश का निवासी परिवार दिल्ली में रहता है , पिता ड्राइवर , माता ग्रहिणी हैं और तीन बहनें | 10 वीं कक्षा के बाद देता इंफार्मर्मेशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा पूरा किया |
अदनान ने इंस्टाग्राम पर खिलजी नाम से फेक आई डी बनाई थी इसके जरिए वह आईएसआईएस समर्थक कंटेंट पोस्ट करता था | इसी अकाउंट से उसने ज्ञानवापी मामले की सुनवाई कर रहे जज रवि दिवाकर को धमकी दी थी | जज ने यहां वीडियोग्राफी के आदेश दिए थे अदनान ने पोस्ट में जज की तस्वीर पर काफिर लिखा था | इसके अलावा लिखा था – काफिरों का खून हलाल है , जो दीन के खिलाफ लड़ते हैं |
इस मामले में उसे 4 जून 2023 को लखनऊ एटीएस गिरफ्तार कर चुकी थी | हालांकि , 26 सितंबर 2024 को जमानत पर रिहा हुआ था | इसके बाद भी उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी , हालांकि भोपाल पुलिस अनभिज्ञ रही |
को पता चला कि दिल्ली निवासी अदनान के पिता दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं , लेकिन परिवार को उसकी हरकतों का पता नहीं था | सदस्यों की भर्ती के बाद उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार काम सौंपा जाता था , जैसे मीडिया हैंडल करना या आईईडी बनाना | सदस्य बनने से पहले उन्हें शपथ दिलाई जाती थी | हैंडलर उन पर सोशल मीडिया से नजर रखता था |
गिरफ्तार आतंकियों ने बताया कि उनका एक हैंडलर सीरिया – तुर्की सीमा से उन्हें नियंत्रित करता था | दोनों आईएस हैंडलर अबू इब्राहिम अल – कुरैशी से संपर्क करते थे , जिसके निर्देश पर वे दिल्ली में आतंकी हमला करने वाले थे |
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