भोपाल ( कशिश मालवीय ) प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) ने फर्जी समन और ईडी अधिकारियों का रूप धारण करने वाले ठगों को धोखाधड़ी और जबरदस्ती वसूली करने के मामलों में जनता को सजग और सतर्क रहने को कहा है| ईडी ने अपने ऑफिशियल ‘एक्स’ अकाउंट के जरिए डिजिटल अरेस्ट जैसे झांसों से सतर्क रहने की अपील आम लोगों से की है | ईडी ने कहा है कि एजेंसी किसी भी व्यक्ति को डिजिटल या ऑनलाइन माध्यम से अरेस्ट नहीं करती | प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी किए गए सम्मन को केवल उस पर मुद्रित क्यूआर कोड या ईडी की वेबसाइड के जरिए ही सत्यापित किया जा सकता है | इसलिए एजेंसी के अधिकारी बनकर ठगी करने वालों से सावधान रहें , और किसी भी संदिग्घ कॉल , ई – मेल या मैसेज पर पर अपनी निजी जानकारी शेयर न करें |
मप्र में पिछले कुछ महीनों में डिजिटल अरेस्ट के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं , इसके लिए स्टेट साइबर पुलिस ने भोपाल , इंदौर , ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में अब तक 50 से अधिक लोगों से हुई इस तरह की ठगी के केस दर्ज किए हैं | दरअसल , ठग खुद को ईडी , सीबीआई या पुलिस अधिकारी बताकर झांसा देते हैं कि आपका मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग केस में आया है | फिर उन्हें वीडियो कॉल पर हाउस अरेस्ट कर यूपीआई या बैंक ट्रांसफर से लाखों रुपए ठग लेते हैं |
कोई भी सरकारी एजेंसी वॉटसएप या वीडियो कॉल से गिरफ्तारी नहीं करती , ऐसे मामले में तत्काल 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं |
किसी भी कॉल – मैसेज या लिंक पर पर्सनल डिटेल या बैंक जानकारी साझा न करें | किसी सरकारी एजेंसी की कार्रवाई की पुष्टि हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट या स्थानीय पुलिस से करें , साथ ही क्यूआर कोड या लिंक को स्कैन करने से पहले उसके स्त्रोत की जांच करें |
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