भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश में विद्दुत वितरण कंपनी ने 3 नवंबर को सख्ती की आदेश दिया | किसानों को 10 घंटे से अधिक बिजली नहीं दी जाएगी | अब तय समय से ज्यादा बिजली देने पर कर्मचारियों की सैलरी कटेगी | रबी सीजन की बोवनी के बीच मध्य क्षेत्र विद्दुत वितरण कंपनी के एक तुगलकी आदेश के अनुसार , क्रषि फीडरों पर यदि भी किसी दिन 10 घंटे से ज्यादा बिजली दी गई तो फीडर चलाने वाले ऑपरेटर का एक दिन का वेतन कटेगा और लगातार दो दिन तक ऐसा हुआ तो जेई की , पांच दिन तक हुआ तो डीजीएम की , अगर एक हफ्ते तक खेतों में 10 घंटे से ज्यादा बिजली बहती रही तो फिर जीएम को लपेटा जाएगा |
यह आदेश मुख्य महाप्रबंधक ( संचा. संधा. ) एके जैन के हस्ताक्षर से जारी किया गया है | किसान संगठनों ने इस तरह के आदेश पर काफी विरोध जताया है | किसान संगठनों का कहना है कि खेती के लिए 10 घंटे भी पूरी बिजली नहीं मिल रही है | फॉल्ट सुधारने के नाम पर घंटों लाइट नहीं आती है | ऐसे में कम बिजली प्रदाय करने पर भी जुर्माने का प्रावधान होना चाहिए |
मप्र विद्दुत वितरण कंपनी के एमडी क्षितिज सिंघल ने स्पष्ट किया कि तय घंटे व घोषित शेड्यूल से ज्यादा बिजली देने पर क्रषि फीडरों में हादसे की संभावना रहती है | इससे घरेलू फीडर में 24 घंटे बिजली सप्लाई करने में भी दिक्कत आती है , तय समय में अधिक बिजली सप्लाई करने पर दंड के प्रावधान किए हैं |
गौरतलब है कि इस खबर के वायरल होते ही प्रदेश के मुख्य मंत्री ने महा प्रबंधक ए के जैन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है |
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