भोपाल ( कशिश मालवीय ) भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक फिर सुर्खियों में कटनी जिले की विजय राघवगढ़ में आदिवासी 1135 एकड़ जमीन खरीदी घोटाले के आरोप लगे हैं | इस मामले में आदिवासी संगठनों की ओर से राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग को शिकायत की गई थी , जिस पर आयोग ने कटनी , जबलपुर , डिंडोरी , उमरिया और सिवनी कलेक्टर से जानकारी मांगी थी | इस मामले में उमरिया कलेक्टर धर्णेंद्र जैन ने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट आयोग को भिजवा दी है , कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने बताया कि अभी एक दो दिन में जानकारी आयोग को भिजवा दी जाएगी |
बुधवार को कटनी कलेक्ट्रेट पर इस मामले को लेकर आदिवासी संगठनों की ओर से प्रदर्शन किया गया था | आदिवासी कांग्रेस , गोंडवाना गणतंत्र पार्टी समेत आदिवासी संगठनों ने आरोप लगाए हैं कहा गया है कि जिन आदिवासियों के नाम पर यह जमीन खरीदी गई हैं वे लापता है कलेक्टर से उनकी सुरक्षा की मांग की गई है | इस दौरान कलेक्टर कार्यालय पर इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हल्की झड़प भी हुई | डिंडोरी जिले में खरीदी गई जमीन प्रदर्शन करने पहुंचे दिव्यान्शु मिश्रा ने बताया कि ये विरोध आदिवासी जमीन घोटाले के मामले में भाजपा विधायक पर कार्रवाई को लेकर किया गया है | मिश्रा का आरोप है कि विधायक ने अपने चार कर्मचारियों प्रह्लाद कोल , नत्थू कोल , रघुराज सिंह गौड़ और राकेश सिंह गौड़ के नाम पर डिंडरी जिले में लगभग 1135 एकड़ जमीन खरीदी है , शिकायत होने के बाद वे अपने घर से लापता हैं | दिल्ली से आदिवासी आयोग ने संबंधित कलेक्टर्स से ज़मीनों के बारे में जानकारी मांगी गई है | आयोग ने कहा कि इन आदिवासियों के नाम पर जमीन कैसे और कब आई ? कलेक्टर ने आज तक इस मामले में इसका जवाब नहीं मांगा है |
आदिवासियों के बैंक खातों की डिटेल भी नहीं ली गई है , जिला प्रशासन और जांच अधिकारियों ने इन चारों आदिवासियों के बैंक खातों से पिछले 25 वर्षों में किए गए लेन – देन की जानकारी एकत्र नहीं की है |
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