Breaking News
Home / अपराध / अवैध कॉलोनी के खेल में सिर्फ किसानों को घेरा वहीं कॉलोनाइजर को दी ढील…..

अवैध कॉलोनी के खेल में सिर्फ किसानों को घेरा वहीं कॉलोनाइजर को दी ढील…..


भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश के भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में बीते कुछ समय से अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है राजधानी में बीते 2 दिन में 10 से ज्यादा अवैध कॉलोनीयों पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है जबकि गुरुवार को 12 नई कॉलोनियों पर केस दर्ज कराने के लिए दस्तावेज जुटाए गए देर शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी लेकिन प्रशासन को उम्मीद है कि शुक्रवार – शनिवार तक ये प्रकरण भी दर्ज हो जाएंगे कलेक्टर की सख्ती के बाद अब अवैध कॉलोनियों में सड़क , बाउंड्रीवॉल सहित अन्य निर्माण तोड़ने के लिए पुलिस बल की मांग की गई है प्रशासन ने 113 कॉलोनी की सूची  बनाई है |

हालांकि , इस अभियान के तहत जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है उनमें से अधिकांश किसान हैं जबकि कॉलोनी काटने वाले लोग अलग हैं दस्तावेजों में कॉलोनाइजरों के नाम नहीं होने के कारण प्रशासन का शिकंजा जमीन मालिक किसानों पर ही कस रहा है लेकिन सवाल है कि अवैध कॉलोनी काटने वालों पर केस क्यों नहीं हो रहे ? हकीकत यह है कि कॉलोनी काटने वाले लोग जमीन अपने नाम पर नहीं कराते वे एग्रीमेंट के आधार पर पूरा कारोबार करते हैं और रजिस्ट्री किसान के नाम ही रहती है मोटे मुनाफे के लालच में कई किसान इस प्रक्रिया में शामिल हो जाते हैं लेकिन जब कार्रवाई होती है तो कॉलोनाइजर बच निकलते हैं और जमीन मालिक किसान ही कानूनी पचड़े में फंस जाते हैं। क्योंकि जब तक पुलिस या प्रशासन के पास कॉलोनाइजर के खिलाफ कोई ठोस सबूत न हों तब तक कानूनी रूप से किसान को ही जमीन का अवैध इस्तेमाल करने वाला माना जाता है। इस बार भी स्थिति कुछ ऐसी ही सामने आई हैं |

राजधानी में शायद ही कोई इलाका हो जहां कॉलोनियों का जाल न फैला हो प्रशासन एफआईआर तो दर्ज करता है लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते कई मामलों में ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती यही कारण है कि सस्ती कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर ऊंचे दामों पर बिक्री का खेल लगातार जारी है इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नुकसान आम खरीदार को उठाना पड़ता है |

पिछले साल जिला प्रशासन ने दावा किया था कि अवैध कॉलोनियों की सुनवाई के बाद ज़मीनों का अधिग्रहण कर कॉलोनाइजर पर एफआईआर दर्ज की जाएगी बची ज़मीनों को बेचकर कॉलोनी का विकास किया जाएगा लेकिन हकीकत यह  है कि आज तक न तो किसी जमीन का अधिग्रहण हुआ और न ही किसी कॉलोनी का विकास 294 एफआईआर दर्ज होने के बावजूद ज़्यादातर मामलों में अब तक ठोस नतीजे सामने नहीं आए हैं |

मप्र पंचायत राज , ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61 – घ ( 3 ) अवैध कॉलोनी निर्माण और गैरकानूनी भूमि डायवर्जन से जुड़ी है इसमें दोषी को 3 से 7 साल कारावास और न्यूनतम 10 हजार रुपए जुर्माना होगा यह संज्ञेय अपराध है पुलिस बिना वारंट कार्रवाई कर सकती है |

About Saifuddin Saify

Check Also

सनकी युवक का अयोध्या से पिपलानी तक आतंक 3 छात्राओं पर चाकू से हमला कर 30 मिनट में बदमाश हुआ फरार….

🔊 पोस्ट को सुनें भोपाल ( कशिश मालवीय ) राजधानी भोपाल में गुरुवार को एक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Best WordPress Developer in Lucknow | Best Divorce Lawyer in Lucknow | Best Advocate for Divorce in Lucknow