भोपाल ( कशिश मालवीय ) राजधानी भोपाल में नगर निगम के आधुनिक स्लॉटर हाउस से गोमांस मिलने के बाद मामला बढ़ता जा रहा है मामले में अब नया मोड़ सामने आया है अब स्लॉटर हाउस की पूरी फाइल खोली जाएगी इसमें टेंडर की शर्तें बनाने से लेकर टेंडर देने और अंत में नगर निगम कमिश्नर के साइन करने तक की जांच होगी इसके बाद ही खुलासा हो पाएगा कि 100 करोड़ की जमीन को 4 लाख सालाना किराये पर देकर 33 करोड़ के मॉर्डन स्लॉटर की पटकथा किसने और क्यों लिखी ? किन अफसरों की मेहरबानी थी जो इतनी महंगी जमीन को इतनी कम कीमत में दे रखी थी इधर , स्लॉटर हाउस संचालक असलम पर कार्रवाई जारी है निगम ने आदमपुर खंती में उसके रेंडरिंग प्लांट पर भी ताला लगा दिया है यहां मृत मवेशियों के वेस्ट से कुत्ते , बिल्ली और मुर्गी के लिए दानों के अलावा भी अन्य उत्पाद बनाए जाते थे |
मामले की जांच के लिए समिति का गठन होगा निगम परिषद ने इसके बिन्दु तय कर लिए हैं जांच का मुख्य केंद्र यह रहेगा कि स्लॉटर हाउस के टेंडर की शर्तें किसने तय कीं और किस आधार पर आरोपी असलम और उसकी फॉर्म को यह काम सौंपा गया
इधर कार्रवाई को लेकर निगम परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यावंशी ने कमिश्नर पर सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा कि मेरे निर्देश के बाद भी कमिश्नर ने अब तक थाने में एफआईआर दर्ज नहीं कराई है इससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए गुरुवार को शासन को पत्र लिखा जाएगा |
नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आदमपुर खंती स्थित असलम के व्दारा रेंडरिंग प्लांट को सील कर दिया है इसकी क्षमता प्रतिदिन 5 टन तक के माल से प्रोडक्ट बनाने की थी इस प्लांट में मृत मवेशियों के वेस्ट पालतू जानवरों के लिए दाना और अन्य उत्पाद बनाए जाते थे वर्तमान में इस प्लांट पर ताला लगा दिया गया है और गतिविधियों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है |
नगर निगम परिषद अध्यक्ष ने कहा – निगम परिषद की बैठक में मेरे व्दारा कहा गया था कि अनुबंध का उल्लंघन करने पर असलम के खिलाफ एफआईआर कराई जाए निगम कमिश्नर को एफआईआर कराना चाहिए इसके बाद एफआईआर दर्ज नहीं होना सवाल खड़े करता है |
एमआईसी सदस्य आरके बघेल ने कहा – जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद हम उल्लंघन पाए जाने पर असलम के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराएंगे डॉक्टर की भूमिका भी जांच की जा रही है |
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