भोपाल/ गुना ( सैफुद्दीन सैफी) एक व्यापारी से पकड़े गए करोड़ रुपये को छोड़ने के बदले लाखों रुपये के रिश्वत लेने का मामला अब एसपी की कुर्सी तक जा पहुंचा पुलिसकर्मियों ने भारी – भरकम रकम लेकर अपराधी को छोड़ दिया लेकिन यह मामले की पोल तब खुल गई जब एक आईपीएस अधिकारी के फोन ने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया | मामले को गंभीरता से लेते हुए रविवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने एसपी अंकित सोनी को हटा दिया उन्हें भोपाल पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है उनकी जगह 2017 बैच की ही आईपीएस हितिका वासल को नया एसपी नियुक्त किया गया है वे गुना की पहली महिला एसपी होंगी |
इधर , मामले की जांच आईपीएस आयुष जाखड़ ( एसडीओपी , करैरा को सौंपी गई है उन्हें तीन दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं वे गुना में ही डेरा डालकर जांच कर रहे हैं बता दें कि 19 मार्च को धरनावदा थाने की पुलिस ने गुजरात से जुड़े एक व्यापारी की कार से करीब 1 करोड़ रुपए नकद बरामद किए थे बताया जा रहा है कि व्यापारी को छोड़ने के बदले 20 लाख रुपए में डील हुई बताया जा रहा है कि व्यापारी गुजरात के एक आईपीएस का रिश्तेदार था आईपीएस के दखल के बाद पुलिस को 20 लाख रुपए भी लौटने पड़े इस मामले में चौकी प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है |
मामले में अब तक कोई फरियादी सामने नहीं आया है पुलिस गाड़ी के नंबर के आधार पर उसकी तलाश कर रही है कथित तौर पर जो राशि रिश्वत में ली गई वह लौटाई जा चुकी है यदि शिकायतकर्ता मिल गया तो सीधे कार्रवाई हो सकेगी लेकिन यदि शिकायतकर्ता मामला दर्ज कराने तैयार नहीं होता है तब भी चारों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध ही है | गौरतलब है कि इसके पूर्व मे भी सिवनी मे इसी तरह का रिश्वतख़ोरी का मामला सामने आया था जिस कारण पूरे देश में मध्यप्रदेश पुलिस की जग हँसाई हुई थी लगातार इस तरह के मामलों से न सिर्फ प्रदेश के पुलिस की किरकिरी हो रही है बल्कि मोहन सरकार पर भी सवाल उठ रहे है।
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