Breaking News
Home / नगर निगम / महंगाई के दौर में भोपाल नगर निगम ने आम जनता को फिर एक और झटका दिया…..

महंगाई के दौर में भोपाल नगर निगम ने आम जनता को फिर एक और झटका दिया…..


भोपाल ( कशिश मालवीय ) शहरवासियों की जेब पर अब सफाई और खेल दोनों भारी पड़ने वाले हैं निगम ने अपने खाली खजाने को भरने के लिए सीवेज पर तीन नए टैक्स लागू करने के साथ ही शहर में अब तक फ्री रहने वाले खेल आयोजनों पर पहली बार टैक्स लगाने का फैसला किया जिससे खेल के प्रेमियों और आयोजकों में हलचल पैदा हो गई | सोमवार को भोपाल नगर निगम की महापौर मालती राय ने 2026 – 27 के लिए 3938 करोड़ रुपए का बजट पेश किया इस बजट में निगम ने सीवेज व्यवस्था को प्रीमियम सर्विस बना दिया है आवासीय और कमर्शियल क्षेत्रों में सीवेज से जुड़े तीन मुख्य शुल्कों कनेक्शन , मेंटनेंस और सीवेज की सफाई में भारी बढ़ोतरी की गई है अब तक सीवेज की मेंटनेंस के लिए 97 रुपए प्रतिमाह चार्ज तय था जो घर में लगी पेयजल पाइपलाइन के आकार के वसूला जाता था नई व्यवस्था में सीवेज शुल्क प्लॉट के आकार और उपयोग की श्रेणी के आधार पर तय होगा |

इसके लिए शहर को आवासीय , व्यावसायिक और संस्थागत जैसी कई कैटेगरी में बांटा गया है चाय की दुकान से लेकर फ्लैट , बड़े होटल , हॉस्टल और मॉल तक सभी के लिए अलग – अलग दरें तय की गई हैं फ्लैट पर 50 रुपए से शुरू होकर ईडब्ल्यूएस के लिए 100 रुपए और सिनेमा हॉल के लिए अधिकतम 10 हजार प्रतिमाह तक शुल्क लगेगा बजट भाषण में सीवेज चार्ज का उल्लेख नहीं होने पर नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने आपत्ति जताई उन्होंने इसे लोगों पर अतिरिक्त बोझ बताया चर्चा के दौरान महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच बहस  भी हुई चर्चा के बाद महापौर ने भाषण दिए बिना ही अध्यक्ष से बहुमत के आधार पर बजट पारित कराने का आग्रह किया कांग्रेस पार्षदों के विरोध के बावजूद बजट पास कर दिया गया |

शहर में मनोरंजन के उन जरियों को भी अब टैक्स के दायरे में लाया गया है जो अब तक मुफ्त थे नगर निगम अब होटल  , रिसोर्ट और रेस्टोरेंट में होने वाले गीत – नृत्य , म्यूजिक कॉन्सर्ट और डिस्को – पब पर कर वसूलेगा | इसके अलावा खुले मैदानों में होने वाले मेले , गरबा , उत्सव , खेल आयोजन और गेम जोन पर भी पहली बार मनोरंजन कर लगाया है सिनेमाघरों के लिए 2018 से लागू दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है|

पहली बार बल्क वेस्ट जनरेट के लिए ठोस अपशिष्ट चार्ज लगेगा केंद्र के ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के आधार पर इसे लागू किया है |

अब विकास कार्यों के लिए महापौर , अध्यक्ष , एमआईसी सदस्य और जोन अध्यक्ष की अलग से कोई निधि नहीं होगी | अब सिर्फ पार्षद निधि ही रहेगी अभी मेयर को 10 करोड़ अध्यक्ष को 5 करोड़ , एमआईसी सदस्य को 1 करोड़ की निधि मिलती थी पार्षद निधि 50 लाख रुपए सालाना है |

About Saifuddin Saify

Check Also

नसबंदी का अभियान सिर्फ कागजों पर अटका लेकिन जमीन पर कुत्तों की फौज उससे दोगुनी रफ्तार से दौड़ रही है

🔊 पोस्ट को सुनें भोपाल ( कशिश मालवीय ) सड़कों पर बढ़ता खौफ और फाइलों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Best WordPress Developer in Lucknow | Best Divorce Lawyer in Lucknow | Best Advocate for Divorce in Lucknow