भोपाल ( कशिश मालवीय ) शहर में रसोई गैस का संकट गहराता जा रहा है सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए मारामारी और कछुए की चाल से चल रही पीएनजी सप्लाई ने आम जनता की जेब और सब्र दोनों की परीक्षा ले ली है | न वक्त पर सिलेंडर मिल रहा है और न ही घर – घर पहुंचने वाली पीएनजी की सप्लाई शुरू पाई है | शहर में पीएनजी का 85 हजार घरों का पाइपलाइन नेटवर्क बिछ चुका है और करीब 35 हजार घरों में कनेक्शन भी दिए जा चुके हैं लेकिन अब भी 50 हजार घर ऐसे हैं जहां पाइपलाइन तो पहुंच गई पर गैस सप्लाई शुरू नहीं हो सकी |
घरेलू रसोई गैस व्यवस्था को सिलेंडर से पाइपलाइन आधारित बनाने की इस योजना की शुरुआत आधुनिक और सुरक्षित ईंधन व्यवस्था के तौर पर की गई थी लेकिन तकनीकी अड़चनें , प्रशासनिक प्रक्रियाएं और उपभोक्ताओं की झिझक रफ्तार को धीमा कर रही हैं | पीएनजी कनेक्शन के मामले में भोपाल अभी इंदौर से काफी पीछे है इंदौर में अब तक 60 हजार से अधिक घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं जो भोपाल की तुलना में लगभग दोगुना है |
पीएनजी लेने वाले कई परिवार अब भी एलपीजी सिलेंडर को बैकअप के रूप में बनाए हुए हैं जबकि नियमों के अनुसार नियमित उपयोग के लिए एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना जरूरी होता है इसी कारण कई उपभोक्ता पूरी तरह पीएनजी पर शिफ्ट होने में हिचकिचा रहे हैं एलपीजी कनेक्शन बंद कराने के लिए गैस एजेंसी में आवेदन देना , सिलेंडर – रेगुलेटर लौटाना और रिकॉर्ड अपडेट करना पड़ता है |
मुख्य विपणन एवं वाणिज्यिक अधिकारी विनुकुमार बालकृष्णन बोले – पीएनजी की मप्र में कोई कमी नहीं है भोपाल में जहां पाइपलाइन पहुंच गई वहां जल्द सप्लाई शुरू होगी थिंक गैस ने कहा है कि सीएनजी व पीएनजी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है कंपनी की प्राथमिकता पीएनजी और परिवहन क्षेत्र के लिए सीएनजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना है |
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