मध्यप्रदेश के मंदसौर के गरोठ थाना क्षेत्र में एक काले कारोबार का ऐसा मामला सामने जिससे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे यहां जब आधी रात पूरा शहर सो रहा तब सन्नाटे में दूध में जहर घुल रहा था सूचना मिलने पर पहुंची टीम ने छापामारी की बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावटखोरी का भंडाफोड़ किया | यह कारोबार मंदसौर जिले के गांधीसागर जलाशय डूब क्षेत्र के गांव चचावदा चोकटिया में संचालित डेयरी में हो रहा था छापामारी के दौरान टीम ने इतना केमिकल और यूरिया जब्त किया जीतने से लगभग 25 हजार लीटर सिंथेटिक दूध बनाया जा सकता है यह अनुमान खाद्द विभाग के विशेषज्ञों ने लगाया है शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे की गई छापेमारी में यहां अधिक मात्रा में यूरिया , केमिकल , कास्टिक सोडा और दूध पाउडर के साथ लगभग 700 लीटर दूध का स्टॉक भी मिला है इस सामाग्री का दूध की डेयरी में कोई उपयोग नहीं है पुलिस का अनुमान है कि यहां बने सिंथेटिक दूध की सप्लाई शहरों तक की जाती है इस फैक्ट्री में प्रतिदिन पांच से 10 हजार लीटर दूध का उत्पादन होने का अनुमान है इसकी शादी – समारोह और बड़े कार्यक्रमों में भी सप्लाई की जाती है |
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आगरा निवासी एक युवक को हिरासत में लिया वह खुद को केमिस्ट बताता है पर आशंका है कि वही सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री को संचालित कर रहा था खाद्द विभाग की टीम ने जब्त किए दूध का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा है इसके और आगे की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी |
पुलिस के अनुसार यहां दो कमरों में दूध डेयरी संचालित हो रही थी गरोठ थाना प्रभारी हरीश राठौर ने बताया कि सूचना मिली थी केमिकल मिलकर दूध का मिश्रण तैयार किया जा रहा है | सिंथेटिक दूध में फेट बढ़ाने के लिए केमिकल मिलाते हैं | उसमें झाग के लिए कास्टिक सोडा व यूरिया का उपयोग करते हैं सल्फ यूरिड एसिड भी मिला था वहां जाकर पता चला कि मनीष पुत्र बैजनाथ निवासी आगरा यहां आकर रह रहा हैं वह स्वयं को केमिस्ट बताता है और गांव में ही दिनेश गुर्जर के बाड़े को किराए पर लेकर फैक्टरी चला रहा था | अब सवाल यह है कि इस तरह हो रही मिलवाटखोरी पर कब पूरी तरह रोक लगेगी ? आखिर कब तक भारी – भरकम कमाई करने के लिए जनता की जान से खिलवाड़ होंगा ?
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