भोपाल ( कशिश मालवीय ) राजधानी के एम्स जैसे इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब एक निर्माणाधीन इमारत का छज्जा नीचे खड़े लोगों पर सीधे आ गिरा जिससे मलबे में दबकर 8 लोग लहूलुहान हो गए | चौंकाने की बात यह है कि इस निर्माण को रोकने के लिए प्रशासन के दो – दो नोटिस थमाने के बाद नोटिसों को ठेंगा दिखाकर मनमानी कर इसको जारी रखा जिसका नतीजा दर्दनाक रूप में सामने आया है |
घटना सडाना मेडिकल स्टोर के ऊपर बन रही इमारत की है प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छज्जा अचानक तेज आवाज के साथ गिरा और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला एक ई – रिक्शा चालक ने बताया कि वह दवा लेकर लौट रहा था तभी हादसा हुआ छज्जा मेडिकल स्टोर के सामने बने टीन शेड पर गिरा जिससे शेड भी ढह गया और नीचे खड़े लोग दाब गए हादसे में 2 दोपहिया और एक स्कूटर भी क्षतिग्रस्त हो गए |
घायलों की पहचान 56 वर्षीय मनोज कुमार , 23 वर्षी नंदनी , 52 वर्षीय अभय , 17 वर्षीय तनुश्री और 61 वर्षीय सोम प्रकाश सहित कुल 8 लोगों के रूप में हुई है | इनमें 23 वर्षीय युवती की हालत गंभीर है जिसके पैर में लोहे का एंगल घुस गया है और सिर हाथ में भी चोटें आई हैं सभी घायलों को एम्स में भर्ती कराया गया जबकि महिला को ट्रोमा ब्लॉक के रेड ट्रायज में रखा गया है |
नगर निगम ने इस निर्माण को लेकर जनवरी 2026 और 13 मार्च 2026 को नोटिस जारी किए थे जिसमें इससे अवैध बताते हुए निर्माण रोकने के निर्देश दिए गए थे इसके बावजूद मौके पर काम जारी रहा चीफ सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार के अनुसार इस अवैध निर्माण के मामले में 2 अप्रैल को सुनवाई तय थी लेकिन उससे पहले हादसा हो गया अब बिल्डिंग परमिशन स्थगित करने और संबंधित रजिस्टर्ड आर्टिटेक्ट को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है हालांकि यह पता लगाया जा रहा कि आर्टिटेक्ट कौन है बिल्डिंग परमिशन रजिस्टर्ड आर्टिटेक्ट ने ही दी है |
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया था एसीपी रजनीश कश्यप ने बताया कि निर्माण की अनुमति और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है नगर निगम ने मौके से रेत , सरिया और अन्य निर्माण सामाग्री जब्त कर ली है जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी |
दो – दो नोटिस के बावजूद निर्माण जारी रहा तो निगम ने कार्रवाई क्यों नहीं की जिम्मेदार कौन ? अवैध निर्माण के दौरान चौथी मंजिल तक काम कैसे पहुंचा निगरानी की ज़िम्मेदारी किसकी थी ? सेंट्रिन्ग – सुरक्षा मानकों की निगरानी की ज़िम्मेदारी किसकी थी समय पर जांच क्यों नहीं हुई ? जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या नहीं ?
Lok Jung News Online News Portal