नई दिल्ली : 04/03/2025 : इसी महीने से देशभर में लागू होने वाली व्यवस्था से सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों को सरकारी व निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रु. तक का मुफ्त इलाज मिलेगा | एनएचएआई इसके लिए नोडल एजेंसी का काम करेगा | दरअसल, इस व्यवस्था से सड़क हादसों में घायल हुए लोगों को तुरंत इलाज मिलने से मौत के आंकड़े कम होंगे | कभी कभी घायलों को अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिल पाता कोई आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण इलाज नहीं करवा पाता अब इस योजना से घायलों को किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में परिजन या कोई भी आम नागरिक या पुलिस अस्पताल लेकर पहुंचेगी उसका इलाज तुरंत शुरू हो जाएगा | इसके लिए कोई फीस भी जमा नहीं करनी होगी, घायलों के साथ परिजन हों या नहीं अस्पताल उसकी देखरेख करेंगे | अस्पताल कोई भी हो पैनल में रजिस्टर हो या नहीं मुफ्त इलाज देना होगा | यदि डेढ़ लाख से अधिक खर्च इलाज में आता है तो बढ़ी हुई रकम का भुगतान मरीज या परिजनों को करना होगा सरकार डेढ़ लाख रु. तक का मुफ्त इलाज देगी | जबकि कोशिश यह हो रही है कि डेढ़ लाख की रकम को बढ़ाकर दो लाख रु. कर दिए जाएं | दरअसल, दुर्घटना के बाद का एक घंटा गोल्डन ऑवर कहलाता है इस दौरान इलाज न मिल पाने से कई मौतें हो जाती हैं | इसी को कम करने के लिए ये योजना शुरू की जा रही है | सड़क हादसे के घायलों के इलाज में औसतन 50 हज़ार से दो लाख रु. तक का खर्च आता है, गंभीर मामलों में खर्च 5 से 10 लाख तक पहुँच जाता है | डेढ़ लाख रु. तक मुफ्त इलाज की योजना से हर साल करीब 10 हज़ार करोड़ का बोझ पड़ने का अनुमान है |
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