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दसवी – बारहवी की परीक्षा सर पर शिक्षकों को उलझा रखा SIR में छात्रों का भविष्य खराब होगा तो कौन जिम्मेदार होगा?


भोपाल ( कशिश मालवीय ) प्रदेश में चल रहे वोटर लिस्ट विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर अभियान में जिला कलेक्टरों ने बड़ी संख्या में शिक्षकों की भी ड्यूटि लगा दी है | इधर , फरवरी में 10वीं और 12 वीं के छात्रों की बोर्ड परीक्षा होनी है अभिभावकों इस बात की चिंता सता रही है कि एसआईआर में पिछले कई समय से शिक्षक व्स्यत हैं बच्चों की अच्छे से पढ़ाई नहीं हो पा रही है बच्चे पास हो पाएंगे या नहीं यदि पास हुए भी तो कठिन विषयों में अच्छे अंक मिल पाएंगे या नहीं ? कलेक्टर ने खासतौर से वर्ग 1 और 2 के शिक्षकों की ड्यूटि लगा रखी है जो 9वीं से 12वीं तक कक्षाएं लेते हैं इसके लिए बाकायदा आदेश निकाले गए थे कि अभियान पूरा होने तक उन्हें अध्यापन कार्य से मुक्त रखा जाए इसका नतीजा यह है कि स्कूलों में पढ़ाई ठप जैसी हो गई है |

लोक  शिक्षण संचालनालय ( डीपीआई ) ने शिक्षकों की ड्यूटि को लेकर चुनाव आयोग के साथ कई दौर की चर्चा की आयोग से कहा कि कम से कम गणित और इंग्लिश जैसे कठिन विषयों के शिक्षकों को ड्यूटि से मुक्त कर दिया जाए कई कलेक्टरों के साथ बात हुई पर नतीजा सिफर रहा आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता ने इस संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया वहीं ज्वाइंट इलेक्श्न कमिश्नर आरपीएस जादौन ने कहा कि आयोग का सीधा इस विषय में हस्तक्षेप नहीं है किसकी ड्यूटि लगे या नहीं लगे ये कलेक्टरों पर छोड़ा गया था |

शिक्षक संघों का कहना है कि दुरदराज के जिलों में कई बड़े स्कूल ऐसे हैं जहां 2-2 शिक्षक छोड़कर सभी की ड्यूटि लगा दी गई है बड़ी संख्या में प्राइमरी स्कूल ऐसे भी हैं जिनमें दो शिक्षक थे दोनों की ड्यूटि एसआईआर में लगा दी गई है कुल 64 हजार अतिथि शिक्षकों में से भी 25% की ड्यूटि सहायक बीएलओ के तौर पर लगाई गई थी हालांकि वे 18 दिसंबर यानी गणना पत्रक भरने की अंतिम तिथि को इससे मुक्त हो गए हैं मप्र में 4 नवंबर से एसआईआर का काम शुरू हुआ था | पहले ये प्रक्रिया 7 फरवरी तक चलनी थी दावे – आपत्ति , दस्तावेज़ सत्यापन आदि के बाद 14 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा | वहीं , 10वीं की परिक्षाएं 11 फरवरी से शुरू होकर 2 मार्च को खत्म होगी , 12 वीं की परिक्षाएं 7 फरवरी से शुरू होकर 5 मार्च तक चलेंगी अब सवाल ये उठता है कि यदि बच्चों का रिजल्ट खराब होगा तो कौन जिम्मेदार होगा

प्रांताध्यक्ष अतिथि शिक्षक संघ केसी पवार ने कहा – अनेक स्कूलों में 70 – 80 प्रतिशत स्टाफ अभियान में लगा दिया गया था अतिथि शिक्षकों को सहायक बीएलओ बनाया गया और 10वीं – 12 वीं  में 30 % से कम रिजल्ट आने पर इन शिक्षकों को हटाने का नियम में ये शिथिल होना चाहिए |

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