भोपाल ( कशिश मालवीय ) विश्वविद्दालयों और कॉलेजों में आवारा कुत्तों की बढ़ती घटनाओं और काटने के मामलों को देखते हुए विश्वविद्दालय अनुदान आयोग और राज्य सरकार ने संस्थानों को सख्त कदम उठाने के लिए 18 दिसंबर को निर्देश दिये थे जिसमें प्रोफेसर को नोडल अधिकारी बनाकर परिसर निगरानी करना और जागरूकता अभियान चलाना शामिल था लेकिन अब आवारा कुत्ते कॉलेजों और विश्वविद्दालयों में देखने को मिल रहे है जहां छात्रों , शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई कॉलेज परिसरों में कुत्तों के काटने और हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं इसके बावजूद अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं कि गई गइडलाइन जारी होने के बाद भी अधिकांश संस्थानों में इसका पालन होता नहीं दिखाई दे रहा है नगर निगम के आंकड़ों अनुसार हर वर्ष 30 हजार से अधिक नए कुत्ते जुड़ रहे वहीं नसबंदी की रफ्तार में सुस्ती बनी हुई है|
Lok Jung News Online News Portal