इंदौर / प्रदेश का सबसे साफ और स्वच्छता के लिए नंबर वन बनने वाला इंदौर शहर अपने क्षेत्र में रहने वाले रहवासियों को शुद्ध पानी नहीं दे सका इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से अब तक 12 मौत हो चुकी है वहीं बुधवार को 4 और मौतों का खुलासा हुआ इनमें एक 5 महीने का मासूम बच्चा तक इस घटिया पानी से मौत का शिकार हो गया और तीन बुजुर्ग शामिल हैं अस्पताल में अब भी कई मरीज भर्ती हैं |
म्रतक बच्चे के पिता ने बताया कि बेटे का जन्म 8 जुलाई को हुआ था उसे कोई बीमारी नहीं थी दो दिन पहले बच्चे को बुखार और दस्त शुरू हो हुए सुभाष नगर में बच्चों के डॉक्टर को दिखाया दवाइयां देने पर भी आराम नहीं लगा सोमवार रात तेज बुखार और लगातार दस्त शुरू हुए अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही दम थोड़ दिया 10 साल की मन्नतों के बाद बेटा हुआ था | परिजनों के अनुसार बच्चे को बाहरी दूध दिया जा रहा था मां साधना ने इसी दूध में थोड़ा सा नगर निगम से सप्लाई होने वाला पानी मिलाया था इसे पीकर अव्यान की तबीयत ऐसी बिगड़ी कि सोमवार को अस्पताल ले जाते समय बच्चे की मौत हो गई |
अपने विधानसभा क्षेत्र में दूषित पानी से मौत पर सवाल पूछा तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जवाब देने बजाय पत्रकार को नाराजगी दिखाई और कहा फोकट का प्रश्न मत करो |
स्वस्थ्य विभाग के मुताबिक इंदौर के प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में अब तक 212 मरीज भर्ती हो चुके हैं 50 डिस्चार्ज किए जा चुके हैं 162 का इलाज जारी है 26 आईसीयू में हैं प्रभावित क्षेत्र में 7, 992 घरों का सर्वे किया गया है 39, 854 लोगों की जांच हुई सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा जांच में दोषी जिम्मेदार अफसरों पर होगी कार्रवाई |
गंदे पानी से मौतों के मामले में हाई कोर्ट में दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हुई याचिकाओं में नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि जितने भी मरीज भर्ती हों उनका उच्च स्तरीय और मुफ्त इलाज किया जाए अगली सुनवाई 2 जनवरी को तय की गई गई |
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