नई दिल्ली / चंबल नदी की शांत लहरों के बीच चल रहे अवैध खनन के खेल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद नाराजगी जताते हुए राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार को अंतिम चेतावनी दी कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा यदि अवैध खनन को रोकने में राज्य सरकार असफल होती है , तो सुरक्षा की कमान सीआरपीएफ को सौंप दी जाएगी और क्षेत्र में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा | कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद चंबल क्षेत्र के माफियाओं और प्रशासन में हलचल तेज हो गई | चंबल नेशनल सेंचुरी में बेखौफ अवैध रेत खनन और मुरैना में वन रक्षक की हत्या के बाद सुप्रीम कोर्ट सख्त हुआ कोर्ट ने ये भी कहा कि यदि 11 मई तक स्थिति नहीं सुधरी , तो कोर्ट इसका आदेश देने को मजबूर होगा |
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने तीनों राज्यों को निर्देश दिया कि वे खनन माफिया से निपटने के लिए पुलिस और वन विभाग के संयुक्त गश्ती दल बनाएं , जिन्हें आधुनिक हथियार , सुरक्षात्मक गियर और संचार उपकरण उपलब्ध कराएं जाएं | साथ ही , तीनों राज्यों को आपसी समन्वय से एक समान स्ट्रैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करने को कहा गया है , ताकि इंटर – स्टेट बॉर्डर पर कार्रवाई में कोई बाधा न आए | मध्यप्रदेश , उत्तर प्रदेश और राजस्थान को सुप्रीम कोर्ट में ऐसी रिपोर्ट देनी होगी , जिसमें यह साफ हो कि अवैध खनन रोकने के लिए किस जिले में कंट्रोल रूम बनेगा , कहां सीसीटीवी लगेंगे , लाइव फीड कौन देखेगा इंटर – स्टेट समन्वय कैसे होगा और फील्ड में कारवाई कौन – सी एजेंसी किस तरह करेगी |
अब यह देखना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े निर्देश के बाद अवैध उत्खनन पर कितनी लगाम लगती है।
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