भोपाल ( कशिश मालवीय ) प्रदेश के लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए था लेकिन लापरवाही इस कदर कि जिस प्रेस को 17 जिलों के पेपर छापने का जिम्मा दिया गया था वहां प्रश्नपत्र फर्श पर खुलेआम बिखरे पड़े थे बड़ी बात तो यह है कि यह सिर्फ कागज के पन्ने नहीं बल्कि लाखों छात्रों की दिन – रात की मेहनत थी जिसका खुले में पसरा फेला कर रखा था अब यही खुलापन पेपर लीक का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है प्रेस अब सवालों के घेरे में है | राज्य शिक्षा केंद्र की 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा के लगभग सभी प्रश्नपत्र सेंटर तक पहुंचने से पहले ही लीक हो गए प्रारंभिक जांच में सबसे बड़ी खामी प्रिंटिंग व्यवस्था में सामने आई है पेपर लीक की जड़ प्रिंटिंग प्रेस में सुरक्षा की कमी पाई गई भोपाल की नवीन प्रिंटिंग प्रेस को भोपाल सहित 17 जिलों के प्रश्नपत्र छापने का काम दिया गया था निरीक्षण के दौरान यहां सख्त निगरानी व्यवस्था नहीं मिली प्रश्नपत्र खुले में इधर – उधर रखे पाए गए आने – जाने वालों पर भी कोई प्रभावी रोक – टोक नहीं थी | ऐसे हालात में किसी के लिए भी पेपर तक पहुंच बनाना आसान था माना जा रहा है कि यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों ने ही पेपर लीक करा दिए ये हकीकत पेपर मामले में तैयार हुई प्रारंभिक जांच में सामने आई है |
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की सख्ती के बाद अफसरों ने प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंचकर मामले की जांच की इसके बाद ये तथ्य सामने आए हैं अफसरों का दावा है कि भोपाल के चार बीआरसी के अंतर्गत 35 जनशिक्षा केंद्र की निगरानी व्यवस्था मजबूत है सेंटर तक प्रश्नपत्र पहुंचने से पहले कई स्तरों पर जांच की जाती है इसलिए लीक की आशंका प्रिंटिंग स्तर पर ज्यादा मानी जा रही है इस संबंध में एक आंतरिक रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर भोपाल कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को सौंपी गई है कलेक्टर ने जानकारी साइबर सेल और पुलिस अधिकारियों को दे दी है जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने बताया कि बीआरसी अधिकारियों के साथ प्रेस का निरीक्षण किया गया मौके की स्थिति देखकर प्रथम द्रष्टया लीक की संभावना यही से लगती है मामले की जानकारी डीसीपी रवीश श्रीवास्तव को भी दे दी गई है आगे की जांच पुलिस कर रही है |
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