Breaking News
Home / खबर जरा हट कर / हाईकोर्ट ने कार्बाइड राख के निपटान पर लगाई रोक कहा कि सिस्टम पर भरोसा नहीं किया जा सकता

हाईकोर्ट ने कार्बाइड राख के निपटान पर लगाई रोक कहा कि सिस्टम पर भरोसा नहीं किया जा सकता


जबलपुर, मप्र हाई कोर्ट की डबल बेंच जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल ने राख के निपटान पर लगाई रोक , अब पीथमपुर में कार्बाइड के 337 मीट्रिक टन कचरे की राख ( 814 मीट्रिक टन ) दफन नहीं होगी | कोर्ट ने साफ कहा – मानव बस्तियों के पास टॉक्सिक वेस्ट साइट बनाना अस्वीकार्य है , क्योंकि ये एक और त्रासदी को जन्म दे सकता है |

8 अक्टूबर 2025 को पारित आदेश में कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि अगली सुनवाई 20 नवंबर से पहले वैकल्पिक स्थलों की सूची और उनकी जांच रिपोर्ट पेश की जाए | साथ ही पूछा कि क्या इस कार्य के लिए किसी विशेषज्ञ एजेंसी से परामर्श लिया गया या टेंडर जारी किए गए हैं ?

सरकार की दलील थी कि पीथमपुर की साइट आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस है | इस पर कोर्ट ने सख्त रुख दिखाते हुए कहा – जब मामूली बारिश में सड़के बह जाती हैं , पुल ढह जाते हैं , तब सिस्टम की सुरक्षा पर भरोसा करना एक नई त्रासदी को बुलावा देना है जस्टिस श्रीधरन ने सुनवाई के दौरान कहा – यूनियन कार्बाइड का प्लांट भी तब तक सुरक्षित ही माना गया , जब तक हादसा नहीं हुआ था | एक रात में 20 हजार लोग मारे गए और लाखों आज भी उस रात की सजा भुगत रहे हैं  इसलिए सतर्कता जरूरी है |

हस्तक्षेपकर्ता ने कोर्ट में जो रिपोर्ट पेश की , उसमें चौंकाने वाला खुलासा किया गया है | बताया गया कि यूनियन कार्बाइड के परिसर से निकाली गई राख में अब भी मरकरी ( पारा ) की मात्रा सीमा से कई गुना ज्यादा है , राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 12 अगस्त 2025 को जारी रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि की है |

About Saifuddin Saify

Check Also

पूर्व शिक्षा मंत्री ने वर्तमान शिक्षा मंत्री से लगाई गुहार

🔊 पोस्ट को सुनें भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश के भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Best WordPress Developer in Lucknow | Best Divorce Lawyer in Lucknow | Best Advocate for Divorce in Lucknow