भोपाल ( कशिश मालवीय ) उपभोक्ता के साथ की गई धोखाधड़ी जिसमें आदेश के बावजूद कंपनी ने न तो मुआवजा दिया और न ही कोई जवाब मजबूरन फोरम को सख्ती दिखानी पड़ी | बल्कि , उपभोक्ता फोरम से न्याय मिलने के बाद भी भोपाल के उपभोगताओं की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही हैं | आदेश मिलने के बावजूद मुआवजा उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहा है | उपभोक्ता फोरम से जुड़े 10 मामलों की पड़ताल की , जिसमें नतीजा हैरान करने वाला रहा इनमें से 6 मामलों में उपभोक्ताओं को अब तक एक पैसा भी नहीं मिला है , कंपनियां या सेवा प्रदाता टालमटोल करते रहे और उपभोक्ता फिर से फोरम के चक्कर काटने को मजबूर हो गए | पड़ताल में सामने आया कि एक मामले में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि फोरम को संबंधित पक्ष की गिरफ्तारी का वारंट तक जारी करना पड़ा |
एक केस में संबंधित पक्ष ने आयोग के फैसले के खिलाफ अपील की है | इससे उपभोक्ता को इंतजार करना पड़ रहा है | जबकि बाकी मामलों में आदेश के बाद भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली रही कुछ उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब फोरम में केस लड़ने के बाद फैसला मिल चुका है , तो फिर मुआवजा पाने के लिए इतनी मशक्कत क्यों करनी पड़ रही है ? एक उपभोक्ता ने गुस्से में कहा कि हमने महीनों केस लड़ा आदेश हमारे हक में आया लेकिन कंपनी ने पैसे नहीं दिए , अब हमें फिर से कोर्ट – कचहरी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं |
उपभोक्ता ने भवन निर्माण में अच्छे क्वालिटी का सामान लागने का एग्रीमेंट किया था | खराब सामान लगाकर भवन का कब्जा दे दिया गया , जिस पर फोरम में केस लगाया तो 1 लाख से अधिक का मुआवजा तय किया गया | आरोपी 30 हजार का भुगतान कर फरार हो गया , फोरम ने गिरफ्तारी का आदेश जारी किया है |
मध्य क्षेत्र विद्दुत वितरण लिमिटेड ने एक बिजली उपभोक्ता का मीटर खराब होने पर लाइट काट दी | उपभोगता ने फोरम में केस किया , जिसमें फिर से मीटर लगाने का आदेश जारी किया गया , अभी तक मीटर नहीं लगा है |
एक कस्टमर ने ई – स्कूटर लिया , कुछ दिनों बाद गाड़ी खराब हो गई तो फोरम में केस लगाया | कंपनी को पूरे पैसे देने का आदेश जारी हुआ , लेकिन अभी तक पैसे नहीं मिले उपभोक्ता ने एक्जीक्यूशन दायर किया है | ऐसे कई मामलों का मुआवजा नहीं मिला है |
एक मजदूर के साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ उसने फोरम में केस लगाया तो मुआवजा तय किया गया , लेकिन अब तक एक भी रुपया भी भुगतान नहीं हुआ , विपक्षी ने एक्जीक्यूसन फाइल किया है |
विशेषज्ञ , चित्रा शर्मा ने उपभोक्ता संबंधी मामले में कहा – बहुत कम केसों में ऐसा होता है कि उपभोक्ता फोरम के आदेश का पालन नहीं हो पाए , और अगर कोई आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ इजरा आवेदन लगाया जा सकता है | वहीं , अगर आदेश का पालन जानबूझकर नहीं कर रहा है तो वह इजरा आवेदन और कुर्की की कार्रवाई कराकर आदेश का पालन भी पक्षकार करा सकता है |
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