मप्र के रतलाम जिले में नशे में उपयोग होने वाली प्रतिबंधित दवा अल्प्राजोलम बनाने वाले दो आरोपी को गिरफ्तार किया गया | मामला रतलाम के ग्राम सजेवत में गुप्त लैब का है , जहां इंदौर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ( एनसीबी ) ने दबिश देकर 13.76 किलो अल्प्राजोलम पाउडर जब्त किया इस पाउडर की कीमत करीब 3.44 करोड़ रुपए है | आरोपी केमिस्ट रूप सिंह चौहान ( 51 ) और लेबोटरी संचालक अभिजीत सिंह चौहान ( 39 ) दोनों आरोपीयों ने इंदौर के कॉलेजों से बी फार्मा और बीटेक किया है | दोनों तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में भारी मात्रा में अल्प्राजोलम पावडर तैयार कर बेच के लाखों रुपए कमाते थे |
आरोपी रूप सिंह को अल्प्राजोलम बनाने का 15 साल का अनुभव है | वह पहले कई फार्मा कंपनियों से जुड़ा रहा और 2021 में तेलंगाना में अल्प्राजोलम तस्करी केस में जेल जा चुका है | अभिजीत लैब का मालिक है , जिसने किराए पर गोदाम लेकर अवैध लैब तैयार की थी |
छापे में क्लोरोफॉर्म , एथाइल एसीटेट , मेठेनॉल, टोल्यून , ग्लेशियल एसिटिक एसिड सहित कई नशीले केमिकल और उपकरण जब्त हुए | एनसीबी को तेलंगाना से सूचना मिली थी कि यह नेटवर्क आंध्र प्रदेश , तेलंगाना और अन्य राज्यों में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहा है | जांच में पता चला कि यह केमिकल ताड़ी और हेरोइन में मिलावट के लिए भी उपलोग होते थे | तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में यह केमिकल ताड़ी मिलाए जाते थे , जबकि मप्र और राजस्थान में हेरोइन में मिलावट की जाती थी |
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