भोपाल ( कशिश मालवीय ) राजधानी भोपाल के नगर निगम में कर्मचारी ही फायदा उठा रहे हैं , निगम के वाहनों से डीजल चोरी कर अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ , एक ही दिन में दो मामले सामने आए हैं | रविवार दोपहर भानपुर ब्रिज के पास के आवासीय मल्टी के नीचे स्थित फायर स्टेशन छोला में खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी से डीजल चोरी करते हुए एक कर्मचारी फोटो में कैद हुआ | इस घटना ने फायर ब्रिगेड की सुरक्षा व्यवस्था , मॉनिटरिंग और डीजल स्टॉक के हिसाब – किताब पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं |
फायर स्टेशन पर तैनात वाहन चालक विष्णु प्रसाद गाड़ी के टैंक में पाइप डालकर डीजल निकाल रहा था , उसके पास ही ड्रम – नुमा कैन रखी हुई थी , इसी दौरान आवासीय मल्टी में रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल में उसकी फोटो ले ली | तस्वीर सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जिस डीजल की रोजना खपत के अनुसार एंट्री नहीं की जा रही थी , उसकी कमी का कारण यही चोरी थी | जानकारी के अनुसार , फायर ब्रिगेड में लंबे समय से डीजल खपत को लेकर गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं | वाहनों की आवाजाही सामान्य होने के बावजूद स्टॉक में लगातार कमी दर्ज की जा रही थी , लेकिन इसकी सही रिपोर्टिंग नहीं की जा रही थी | संबंधित वाहनों के ड्राइवरों द्वारा डीजल खपत का पूरा हिसाब न देना पहले भी चर्चा में रहा है | वहीं , फायर ब्रिगेड चालक विष्णु प्रसाद का कहना है कि वह डिवाइडिंग पंप और जनरेटर में डालने के लिए गाड़ी से डीजल निकाल रहा था |
इधर रविवार की दोपहर कमला नगर पुलिस को जानकारी मिली थी कि भदभदा सब्जी मंडी के आगे बिजली पवार हाउस स्टेशन के पास नगर निगम का वाहन खड़ा जिस पर जनरेटर रखा हुआ है , वह बस में निगम के वाहन से डीजल लाकर उसमें डाल रहा है | पुलिस की टीम मौके पर पवार हाउस स्टेशन के पास पहुंची , जहां टीम ने देखा नगर निगम के वाहन से बस में डीजल डाला जा रहा था , पास में ही एक टाटा सूमो खड़ी थी , जिसमें 35 – 35 लीटर की 8 कट्टी रखीं थी , एक कट्टी में 35 लीटर डीजल भरा था गाड़ी में 15 – 15 लीटर की 2 खाली कट्टी भी मिलीं |
कमला नगर पुलिस ने ड्राइवर समेत तीनों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया , जब वह एक बस में निगम की गाड़ी से चोरी किया गया डीजल भर रहे थे | सही ही निगम की एक लोडिंग गाड़ी , एक प्राइवेट टाटा सूमों और एक स्कूल बस को जब्त किया है | पिछले दो साल से यह काम कर रहा था , ड्राइवर द्वारा चोरी का डीजल 50 से 60 रुपए लीटर में बेचा जाता था , आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी , आवश्यक वस्तु अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है |
गौर तलब है कि पूर्व मे भी कई बार डीजल चोरी के मामले हुए हे मगर लगता है निगम प्रशासन इसको छोटी मोटी घटना मानकर मामलो को रफा दफा कर देता है
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