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स्वास्थ्य सुरक्षा ढाल बनने वाला आयुष्मान भारत न काफी साबित हो रहा है….


भोपाल ( कशिश मालवीय ) देश में आयुष्मान भारत योजना की 5 लाख सीमा कैंसर और न्यूरो जैसी गंभीर बीमारियों के लिए कमजोर व्यवस्था बन रही है इस समय में आयुष्मान योजना को सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा ढाल कहा जाता है इसमें 5 लाख रुपए तक के ट्रांसफर इलाज के लिए सुविधा है गंभीर बीमारियों का सामना होते ये ढाल काम नहीं आती हजारों मरीजों के लिए ये 5 लाख की योजना के पैसे इलाज के बीच में ही खत्म हो जाते है इसके बाद या तो इलाज बीच में छोड़ना पड़ता है या दूसरे मूल से राशि की व्यवस्था करनी पड़ती है निजी अस्पतालों में कोई सीमा ही नहीं है लेकिन चौंकने की बात ये है कि एम्स जैसे सरकारी अस्पताल में भी गंभीर बीमारी – ऑपरेशन का खर्च आयुष्मान की सीमा से पार हो कर 10 लाख तक जा रहा है अफसरों ने भी आयुष्मान कवर 10 लाख तक बढ़ाने की मांग भी की है राजस्थान , दिल्ली और गुजरात जैसे राज्य कवर बढ़ा चुके हैं |

भारत में कैंसर के इलाज की लागत काफी भिन्न है साधारण से शुरू होकर कुछ प्रारंभिक स्तर की जांच दवाई अस्पताल में भर्ती का खर्च 50,000 से 10 लाख तक हो जाता है इसके अलावा कीमोथैरेपी सहित अन्य खर्च मिलाकर पूरे इलाज में 5 से10 लाख रूपए तक का खर्च आ सकता है |

न्यूरो संबंधी बीमारी आयुष्मान की कवरेज सुची में न्यूरो सर्जरी शामिल है इसका मतलब है अगर बीमारी की स्थिति ऐसी है कि अस्पताल में भर्ती – सर्जरी या अन्य सक्रिय इलाज की जरूरत है  तो योजना के तरह इलाज संभव है लेकिन गामा नाइफ सर्जरी इसमें शामिल नहीं है इसमें 10 लाख से अधिक खर्च आता है | यदि सरकार इस की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दे  तो मरीजों की समस्या का समाधान हो सकता है इधर  – उधर   हाथ नही फैलाने पड़ेंगे |

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