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जेपी अस्पताल में डॉक्टर का कार्यलय समाप्त होने के बाद प्रबंधन की सुस्ती आशा से पहुंच रहे मरीज निराश लौट रहे….


भोपाल ( कशिश मालवीय ) एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे हैं तो दूसरी तरफ अस्पताल की चौखट से मरीज निराश लौट रहे हैं हाथ में जांच की पर्ची और उम्मदी लेकर मरीज अस्पताल तो पहुंच रहे लेकिन सोनोग्राफी कक्ष में ताला लटका देख बिना जांच कराए मरीज  को मजबूर होकर वापस लौटना पड़ रहा है अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को चुकाना पड़ रहा है | कोकता में रहने वाली 72 वर्षीय फूलबती बाई 28 मार्च से सोनोग्राफी के लिए जेपी अस्पताल के चक्कर लगा रही हैं लेकिन सोनोग्राफी अब तक नहीं हो पाई पहले शनिवार को जांच नहीं हुई फिर सोमवार को 1 अप्रैल की तारीख दी गई वे गुरुवार को भी पहुंची तो सोनोग्राफी सेवाएं बंद मिलीं फूलबाती कहती हैं कि जितने की जांच नहीं होनी थी उससे ज्यादा पैसे तो बार – बार  आने – जाने में लग गए इसके बाद भी जांच नहीं हो पाई |

जेपी में कुछ दिनों से सोनोग्राफी की व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है पिछले तीन दिनों में करीब 180 मरीजों की जांच नहीं हो पाई यहां हर महीने 1000 से ज्यादा सोनोग्राफी होती हैं ऐसे में सेवा बंद होने का असर बड़े मरीज वर्ग पर पड़ा है सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है जो दूर – दराज से जांच के लिए पहुंच रही हैं बड़ी बात यह है कि अस्पताल में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे रेडियोलॉजिस्ट का कार्यालय समाप्त हो गया है और नए रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो सकी इसी कारण जांच सेवाएं बंद हैं |

अस्पताल प्रबंधन ने जिन मरीजों से पहले शुल्क लेकर तारीख दी थी उन्हें भी तय दिन पर पैसे वापस  लौटा दिया जेपी में भर्ती मरीजों की भी सोनोग्राफी नहीं हो पा रही है यहां तक कि रेप पीडिताओं के मामलों में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है गुरुवार को भी सोनोग्राफी कक्ष पर ताला लगा रहा कई महिलाएं सुबह से लाइन में लगी रहीं लेकिन जानकारी मिलते ही मायूस लौट गईं इस दौरान विवाद की स्थिति भी बनी |

जेपी में सोनोग्राफी 300 रुपए में होती है जबकि निजी अस्पतालों में इसके लिए कई गुना अधिक राशि देनी पड़ रही है मजबूरी में मरीजों को बाहर जांच करानी पड़ रही है पहले यहां एक कॉन्ट्रैक्ट रेडियोलॉजिस्ट रोज 60 – 70 सोनोग्राफी करते थे लेकिन उनका कार्यकाल  खत्म होते ही व्यवस्था ठप हो गई अस्पताल में दो मशीनें होने के बावजूद डॉक्टर नहीं होने से वे बंद पड़ी है |

भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा – रेडियोलॉजिस्ट का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका है पहले से सिविल सर्जन ने इसकी कोई फाइल नहीं चलाई आज ही मामला संज्ञान में आया है जल्द ही रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था की जाएगी |

 

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