भोपाल ( कशिश मालवीय ) पुलिस विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक सब इंस्पेक्टर ने अपनी मानसिक प्रताड़ना की शिकायत को ही अपना अंतिम सुसाइड नोट करार दे दिया | मामला भोपाल देहात के पुलिस अधीक्षक रामशरण प्रजापति पर सुखी सेवानिया थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर केसी यादव ने अभद्रता , गाली गलौच और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। एसआई , आईजी और मानवाधिकार आयोग में शिकायत करते हुए कहा कि एसपी के व्यवहार से वे इतने आहात हुए कि आत्महत्या करने तक विचार आया हालांकि परिवार की जिम्मेदारी के चलते उन्होंने कदम नहीं उठाया मामला 24 सितंबर 2025 का बताया जा रहा है जिसकी शिकायत 28 जनवरी को की गई है |
एसआई यादव ने शिकायत में लिखा है, कि मेरी सहनशक्ति खत्म हो चुकी है उनके पास 2 विकल्प हैं आत्महत्या या न्याय की गुहार उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे आत्महत्या करते हैं तो एसपी रामशरण प्रजापति जिम्मेदार माने जाएं |
इस पूरे मामले पर एसपी रामशरण प्रजापति ने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार किया उनका कहना है कि यह विभागीय मामला है इसलिए वे टिप्पणी नहीं करेंगे |
एसआई के अनुसार 20 सितंबर को एसपी ने आबकारी एक्ट की धारा ( 34 ) 2 से जुड़ी केस डायरी तलब की थी यह डायरी अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में पेश होनी थी 24 सितंबर की शाम एसपी ने अन्य मामले में मीटिंग बुलाई मीटिंग के बाद केस डायरी मांगी आरोप है कि एसपी भड़क गए और एसआई को गालियां दीं साथ ही धक्का मारकर बाहर निकालने की धमकी दी |
एसआई यादव का कहना है कि लंबे सेवाकाल में किसी अधिकारी ने उनके साथ कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया उन्होंने थाने के रोजनामचे में एसपी की अभद्रता की रिपोर्ट दर्ज कर दी ताकि भविष्य में कोई अनहोनी न हो एसआई का आरोप है कि इसके बाद बदले की भावना से उन्हें मानसिक रूप प्रताड़ित किया गया और उनसे स्पष्टीकरण मांगते हुए दो विभागीय जांच शुरू कर दी | गौरतलब है कि पूर्व में भी कई बार वरिष्ठ अधिकारियों व्दारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियो के साथ गाली गलौच और अभद्र बर्ताव कर चुके है। मगर गृह विभाग ने अब तक ज़िम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही नहीं की है।
Lok Jung News Online News Portal