भोपाल ( कशिश मालवीय ) प्रदेश में लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और उसमें सुधार के लिए औचक निरीक्षण किए जाने की शुरुआत हुई तो इंजीनियरों ने नाराज होकर काम बंद करने की धमकी दे दी शुरू किए गए औचक निरीक्षण का बड़ा कारण सड़कों और भवनों के निर्माण में होने वाली गड़बड़ी है | इस सकारात्मक पहल की शुरुआत के विरोध में विभाग के इंजीनियर मैदान में उतर आए हैं। दरअसल , पीडब्ल्यूडी में सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए 11 महीने पूर्व शुरू किए गए औचक निरीक्षण के हैरान वाले नतीजे सामने आए हैं इस दौरान 800 कामों का निरीक्षण किया गया तो 54 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए जिनमें से 16 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया गया 11.52 लाख रुपए की राशि जब्त की गई एवं 8 पर कार्यवाही की जा रही है |
औचक निरीक्षण की व्यवस्था के अच्छे नतीजे आए हैं कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आया है निर्माण की गति बढ़ी है निर्माण स्थल पर प्रयोगशाला , मशीनें , निर्माण सामग्री , स्टाफ आदि सभी की गुणवत्ता , सजगता , कार्य के प्रति गंभीरता और समयबद्धता बेहतर हुई है विभाग की मंशा है कि अब कोई भी ठेकेदार , कंसल्टेंट या विभागीय इंजीनियर अपनी पहुंच या वर्चस्व की आड़ में गुणवत्ता से समझौता करके स्वयं को सुरक्षित नहीं मान सकता सभी स्तर पर दस्तावेजों और निर्णय कंप्यूटरीकृत होने से इनमें किसी प्रकार का बदलाव या लीपापोती संभव नहीं है |
विभाग में अलग – अलग पैकेज के लिए तय मापदंडों का उल्लंघन करते हुए जो कंसल्टेंट नियुक्त किए गए हैं इन्हें अब तक 200 करोड़ रूपए से ज्यादा का कंसल्टेंसी का काम मिला इस तरह के मामलों में विभाग ने 12 कंसल्टेंटों को नोटिस जारी किए हैं एक कंसल्टेंट को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है और 2 पर कार्यवाही जारी है औचक निरीक्षण के दौरान 274 कमियां मिली जिसमें से 15 में आंशिक सुधार किया गया है | हर माह 5 और 15 तारीख को 2 मुख्य अभियंताओं का दल अपने परिक्षेत्रों से बाहर किसी दूसरे परिक्षेत्र में रैंडम आधार पर कंप्यूटर साफ्टवेयर से चयनित किंही 7 जिलों में निरीक्षण के लिए जाता है। निरीक्षण के 3 दिन पहले किसी को यह पता नहीं होता की कौन सा चीफ इंजीनियर किस किले में जाएगा निरीक्षण के लिए चयनित निर्माण कार्यों की जानकारी कंप्यूटर साफ्टवेयर से जनरेट करके एक दिन पहले शाम को निरीक्षण दलों को प्रदान की जाती है |
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