भोपाल ( कशिश मालवीय ) यह खबर आपके लिए है अगर आप भी सोशल मीडिया पर बिना सोचे – समझे किसी भड़काऊ पोस्ट को लाइक , कमेंट या शेयर करते है तो रुक जाइए अब सोशल मीडिया पर आपकी एक उंगली का टैप आपको जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है | शहर में सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ संदेश , फोटो और वीडियो प्रसारित कर साम्प्रदायिक या सामाजिक तनाव फैलाने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत आदेश जारी कर ऐसे कंटेंट के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है |
यह दो महीने तक प्रभावी रहेगा आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति फेसबुक , व्हाट्सएप , इंस्टाग्राम , एक्स , टेलीग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धार्मिक , सामाजिक या जातिगत भावनाएं भड़काने वाले संदेश , फोटो , वीडियो या ऑडियो प्रसारित नहीं करेगा ऐसे पोस्ट को लाइक , कमेंट ,शेयर या फॉरवर्ड करने पर भी कारवाई की जा सकती है ग्रूप एडमिन की यह ज़िम्मेदारी होगी कि वे ग्रुप में इस तरह संदेशों को रोकें |
पुलिस आयुक्त ने कहा कि कई बार सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और उस पर आने वाले कमेंट से सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने की स्थिति बन जाती है इसलिए अफवाह फैलाने , तथ्यों को तोड़ – मरोड़कर पेश करने या किसी समुदाय के खिलाफ लोगों को उकसाने वाले संदेशों के प्रसारण पर भी रोक लगाई गई है आदेश में साइबर कैफे संचालकों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना पहचान पत्र के इंटरनेट उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी सभी उपयोगकर्ताओं का नाम , पता और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा कैफे में वेब कैमरा लगाकर उपयोगकर्ताओं की फोटो सुरक्षित रखना होगी आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी |
हाल ही में भोपाल में सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था इस अफवाह से शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया था जांच में पुलिस ने पाया कि वीडियो कई साल पुराना और दूसरे राज्य का था जिसे भोपाल का बताकर शेयर किया जा रहा था मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लोगों से अपील की थी कि बिना पुष्टि के किसी भी संदेश या वीडियो को शेयर न करें |
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