भोपाल : 10/08/2024 : भोपाल लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार सुबह नगर-निगम की सिविल शाखा के चीफ इंजीनियर रहे प्रदीप कुमार जैन के घर और दफ्तर पर छापा मारा | रिटायर होने के बाद करीब एक साल से जैन भोपाल स्मार्ट सिटी में संविदा पर सुप्रीटेंडिंग (एसई) के तौर पर पदस्थ हैं | लोकायुक्त करीब 20 दिन से उनकी आय से अधिक संपत्ति की गोपनीय जांच कर रही थी, जांच में पता चला कि बीते 10 साल में उन्हें सरकार से करीब 75 लाख रु. वेतन मिला, लेकिन उन्होने 2.25 करोड़ रु. से अधिक खर्च किए हैं | लोकायुक्त टीम सुबह पौने 6 बजे उनके लालघाटी स्थित लार्ड्स कॉलोनी में बने बंगले पर पहुंची, डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने दस्तक दी तो दरवाजा जैन की पत्नी अनीता ने खोला | प्रदीप भी सामने थे डीएसपी ने कहा कि हम आपके यहाँ सर्च करने आए हैं, जैन ने जवाब दिया तो आ जाइए | प्रदीप जैन के खिलाफ दो बार ईओडब्ल्यू में भी आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की जा चुकी है | पीके जैन के नाम से पहचाने जाने वाले प्रदीप जैन 1984 में बतौर असिस्टेंट इंजीनियर नगर पालिका दतिया में भर्ती हुए थे | इसके बाद वह उज्जैन, विदिशा और भोपाल में अलग-अलग पदों पर पदस्थ रहे, जैन बंगले में अपनी पत्नी के साथ रहते हैं | उनका बेटा अमेरिका की एक मल्टीनेशनल कंपनी में जबकि बेटी कनाडा की एक बड़ी कंपनी में नौकरी करती है | टीम ने बंगले के साथ ही उनके दफ्तर से भी कुछ फाइलें कब्जे में लीं | उनके तीन मंज़िला बंगले में देर रात तक चली सर्च में टीम को 86 लाख रु. के जेवर, 3 मकान, 6 प्लॉंट के दस्तावेज़, परिवार के सदस्यों के नाम 12 बैंक खाते, एक लॉकर और 65 लाख रु. की इन्वेंट्री (घर का समान) मिला है | फिलहाल यह संपत्ति करीब 7 करोड़ रु. की आंकी जा रही है | इसके अलावा उनके घर से टीम को 1.5 लाख रु. नकद, 750 कैनेडियन डॉलर और 1500 अमेरिकन डॉलर भी मिले हैं | आय से 300 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रमाण मिलने पर प्रदीप जैन पर एफआईआर दर्ज की गई है | उनका बैंक लॉकर सोमवार को खोला जाएगा |
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