भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश में फिर एक बार वर्दी का रोब दिखाकर पुलिसकर्मियों ने की फिर मनमानी दूसरा मामला सिवनी जिले का सामने आया , जहां हवाला के 3 करोड़ का रुपए का घोटाला पुलिस के हाथों से हुआ मामला कटनी से नागपुर डिलीवरी के लिए ले जा रहे हवाला के तीन करोड़ रुपए की बन्दरबांट का बताया जा रहा है पुलिसिया लूट के इस मामले में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने सिवनी एसडीओपी पुजा पांडेय को सस्पेंड कर पीएचक्यू अटैच किय है गुरुवार देर रात , जबलपुर आईजी प्रमोद वर्मा की रिपोर्ट पर 9 पुलिसकर्मियों , जिनमें बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम शामिल हैं , को भी निलंबित किया गया और जांच जबलपुर एएसपी आयुष गुप्ता को सौंपी गई |
एएसपी गुप्ता ने गुरुवार रात से जांच शुरू कर दी थी शुक्रवार को एसडीओपी पुजा पांडेय समेत सभी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए | आरोपी पुलिसकर्मियों से 1.45 करोड़ रुपए बरामद किए गए हैं , जिन्हें कोतवाली थाने में रखा गया है आयकर विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए सूचित कर दिया गया है | अधिकारियों के अनुसार , इस पूरे मामले में आरोपी पुलिस अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी |
खंडोल के निलंबित थाना प्रभारी अर्पित भैरम को बुधवार रात मुबखिर से सूचना मिली थी कि कटनी से नागपुर जा रही एक कार में हवाला के तीन करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि है | यह रकम नागपुर डिलीवरी के लिए जालाना के कारोबारी की थी अर्पित भैरम ने इसकी जानकारी सिवनी एसडीओपी पूजा पांडेय को दी |
एसडीओपी पूजा पांडेय अपने कार्यालय के स्टाफ के साथ एनएच – 44 पर पहुंची इस कार्रवाई की सूचना से केवल एक आरक्षक नीरज राजपूत को कार्रवाई में शामिल किया गया |
कार के पहुंचते ही एसडीओपी पूजा पांडेय , टीआई अर्पित भैरम और अन्य पुलिसकर्मियों ने कार सवारों को धमकाया और रुपए अपने कब्जे में ले लिए , आरोप है कि इस दौरान कार सवारों के साथ मारपीट भी हुई | इसके बाद ये सभी जैसे – तैसे नागपुर पहुंचे कारोबारी सोहन परमार ने इस घटना की जानकारी पुलिस के आला अफसरों को दी और सिवनी लौटकर कोतवाली थाने में लूट का आवेदन दर्ज कराया |
पूरी घटना सामने आने पर , हवाला राशि की जब्ती न करके इसे आपस में बांट लेने और मारपीट के मामले की सूचना आईजी प्रमोद वर्मा तक पहुंची , उन्होंने पड़ताल शुरू कराई |
एएसपी दीपक मिश्रा ने पुलिस अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ कर सख्ती दिखाई | हवाला की 1.45 करोड़ वापस दिलाई |
कोतवाली में आवेदन के बाद शिकायतकर्ता को एसडीओपी के पास भेजा गया था , मामले को दबाने की कोशिश की गई , पर जानकारी पुलिस के आला अफसरों तक पहुंच गई |
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