इंदौर मध्यप्रदेश इंदौर के चंदन नगर थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को पद से हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बेहद नाराजगी जताते हुए मौखिक निर्देश दिए हैं थाने में दर्ज होने वाली घटना में पटेल अपने बनाए हुए गवाहों के बयान करवा देते थे दर्जनों घटनाओं में एक ही गवाह को सबूत के रूप में पेश करवा देते थे | कोर्ट ने माना कि उनकी यह बदमाशी है अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से यह सामने आया है कि संबंधित अधिकारी ने अपने ही बनाए गवाहों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जो आपराधिक न्याय प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है | मामला एक आरोपी की जमानत याचिका से जुड़ा है जिसकी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सामने यह तथ्य आया कि पुलिस द्वारा अदालत में पेश किए गए रिकॉर्ड में एक ही गवाहों के नाम दर्जनों और सैकड़ों मामलों में दोहराए गए हैं कोर्ट ने पाया कि कुछ गवाहों को अलग – अलग मामलों की प्रकृति और घटनास्थल अलग थे |
सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रमणि पटेल को तत्काल प्रभाव से काम से हटाने के निर्देश दिए और राज्य सरकार से पूछा कि ऐसे मामलों में अब तक क्या विभागीय कार्रवाई की गई मामले की अगली सुनवाई में विस्तृत जवाब और रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए गए हैं अधिवक्ता मनोज बिनीवाले के मुताबिक चंदन नगर ही नहीं बल्कि कई शहर के कई थानों में गवाह बाकायदा नियुक्त हैं जांच अधिकारी मौके पर जाकर जांच गवाहों की सूची तैयार नहीं करते बल्कि अपने ही मुखबिर या एजेंट को सीखा – पढ़ाकर कोर्ट में पेश कर देते हैं |
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