भोपाल ( कशिश मालवीय ) मध्यप्रदेश के उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारी के बीच हैरान होने वाला खुलासा हुआ है | जिस कंपनी को गुजरात सीवरेज ने ब्लैकलिस्ट किया था , उसी मैसर्स एनपी पटेल कंपनी को यहां भाजपा सरकार ने 476 करोड़ की लागत वाले सीवेज प्रोजेक्ट का काम दे दिया है। निविदा के समय संबंधित कंपनी ने यह जानकारी छिपाकर न केवल टेंडर हासिल किया , बल्कि अब काम भी कर रही है | इसके पीछे नगरीय प्रशासन विभाग का तर्क है कि टेंडर के समय कंपनी गुजरात हाई कोर्ट से स्टे ले आई थी |
जबकि 9 मई 2025 को हाई कोर्ट ने कॉन्ट्रैक्टर की ओर से दाखिल पिटीशन खारिज कर दी थी | कॉन्ट्रैक्टर ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की जो पेंडिंग है | इस मामले का खुलासा नगरीय प्रशासन आयुक्त के उस पत्र से हुआ है , जो उन्होंने विधिक राय के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ता को लिखा |
गौरतलब है कि नगरीय विकास विभाग ने उज्जैन में सीवेज प्रोजेक्ट का ऑनलाइन टेंडर दिसंबर 2024 में जारी किया था | संबंधित कंपनी को गुजरात हाई कोर्ट से स्टे 9 अप्रैल 2024 को मिल चुका था | जब मामला खुला तब तक कंपनी 13 फीसदी काम कर चुकी थी | इस बीच विभाग यह तय नहीं कर सका कि ऐसी स्थिति में क्या होना चाहिए | जानकारों का कहना है कि विवादों से घिरी कंपनी को सिंहस्थ जैसे आयोजन से पहले इतना बड़ा काम सौंपना कई सवाल खड़े कर रहा है |
आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास , संकेत भोंडवे ने कहा – इस संबंध में विधिक राय ली गई है , उज्जैन में जारी सीवेज कार्यों की हर स्तर पर निगरानी हो रही है संबंधित कंपनी ने और भी जगह टेंडर डाले थे | इसलिए सिवनी , बुरहानपुर और मुरैना में सीवरेज परियोजना के लिए दोबोरा निविदा मांगी गई |
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