भोपाल ( कशिश मालवीय ) राजधानी में लंपी वायरस के तेजरफ्तार से शहर में प्रतिदिन 5 – 7 गोवंश वायरस कि चपेट में आने से मौत के शिकार हो रहे है | जिससे बाहरी और ग्रामीण इलाकों के साथ ही शहर में भी लंपी से पीड़ित गोवंश लगातार सामने आ रहे हैं | पशुपालन विभाग और नगर निगम की ओर से किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं | सबसे ज्यादा लंपी पीड़िता गोवंश गांधी नगर स्थित कांजी हाउस में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में हैं | यहां हरदिन 5-6 मवेशियों की मौत इस लंपी बीमारी से हो रही है नगर निगम के सूत्रों की मानें तो अकेले गांधी नगर के इस क्वारेंटाइन सेंटर में ही अब तक 100 से अधिक गोवंश की जान चली गई है | जबकि पिछले एक सप्ताह से शहर की निजी गोशालाओं में भी हर दिन 2 से 4 गोवंश की मौत हो रही है |
लंपी वायरस के प्रकोप से मरने वाले गोवंश को उठाने और इनका अंतिम संस्कार करने का जिम्मा नगर निगम के पास है बताया गया है कि नगर निगम का अमला तमाम गोशालाओं समेत क्वारेंटाइन सेंटर से म्रत गोवंश को उठाकर आदमपुर छावनी पठार क्षेत्र में ले जाता है | यहां इनको समाधि खाद बनाने की प्रक्रिया के तहत जमीन में खोदे गए गड्ढों में दफन किया जाता है |
नगर निगम अपर आयुक्त , हर्षित तिवारी ने कहा क्वारेंटाइन सेंटर के अलावा निजी गोशालाओं में भी लंपी से गोवंश की जान जा रही है | इस संबंध में पशुपालन विभाग के अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है |
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