भोपाल ( कशिश मालवीय ) सोमवार को मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने छिंदवाड़ा में कफ सिरफ कांड से बच्चों की हुई मौत और किसानों के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह विरोध जताया |
भावांतर , एमएसपी , खाद संकट , कर्ज माफी , बिजली की कमी ,और राहत राशि जैसे विषयों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक जयवर्धन सिंह ने सवाल उठाया कि मक्का पर एमएसपी कैसे दी जाएगी | सरकार ने प्रस्ताव ही नहीं भेजा विधायक ऋषि अग्रवाल के पत्र के जवाब में केंद्रीय उपभोक्ता मामले व खाद्द मंत्रालय ने दी है | सिंघार ने कहा कि 17 नवंबर 2025 को जवाब आया कि मप्र सरकार ने 2025 – 26 के लिए मक्का खरीद का प्रस्ताव नहीं भेजा है |
सदन में क्रषि मुद्दों पर 5 घंटे से ज्यादा बहस चली , उमंग सिंघार ने सरकार से पूछा कि मक्का को एमएसपी पर कब खरीदा जाएगा ? क्या मप्र में सोयाबीन भी दूसरे राज्यों के समान भाव पर खरीदी जाएगी ? खाद संकट कब खत्म होगा ? किसानों की कर्ज माफी कब होगी और अतिव्रष्टि से हुए नुकसान पर राहत राशि कब तक मिलेगी ? उन्होंने कहा कि किसान की फसल के एवज में हम एक हजार मुआवजा दे रहे हैं समय पर सर्वे नहीं होता , फसल कटने के बाद सर्वे का आदेश होता है , बीमा कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं | क्रषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने जवाब दिया , वेट एंड वॉच | इस पर हंगामा शुरू हो गया , और कांग्रेसी विधायक वेल में आ गए , कांग्रेस विधायक पूरे समय सदन में रहे |
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने ध्यानाकर्ष्ण के जरिए नर्मद्रापुरम और इटारसी में कई जगहों पर सड़क और नालों की जमीन पर अतिक्रमण के कारण आम जनता को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया | नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि नर्मदापुरम जिले में 296 अतिक्रमण हटाए गए हैं , बाकी कार्रवाई की जा ही है , इसके बाद कई विधायकों ने सरकारी ज़मीनों पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया | नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री विभागवार समीक्षा करने वाले हैं , इसमें शहरों में अतिक्रमण पर चर्चा की जाएगी , एसआईआर के बाद अतिक्रमण पर प्रदेशव्यापी कार्रवाई करेंगे |
विधानसभा के शीत सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया | विपक्ष ने आरोप लगाया कि किसान परेशान हैं , जहरीले कफ सिरफ से से बच्चों की मौत हो चुकी है , जनता परेशान है , अफसरशाही हावी है , फिर भी सरकार सदन में चर्चा से बचना चाहती है | विपक्षी विधायकों ने वेल में आकर सत्र की अवधि बढ़ाने को लेकर नारेबाजी की , हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आश्वस्त किया कि कार्यमंत्रणा परिषद की बैठक में सदन का वक्त बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी |
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