भोपल ( कशिश मालवीय ) प्रदेश भर में सफर के दौरान स्लीपर बसों में आग लगने की घटना और हादसों में हुई मौतों के बाद इसको रोकने और यात्रियों की सुरक्षा करने के लिए सरकार ने एक्शन लेते हुए सख्त कदम उठाया | प्रदेश के 153 बस ऑपरेटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं परिवहन विभाग के निर्देश के बाद इस दायरे में आने वाले बस ऑपरेटर्स के लिए एक हफ्ते की मोहलत बढ़ा दी गई है हफ्ते भर की मोहलत इसलिए दी ताकि उनकी बसें मप्र या शहर से बाहर हैं तो लौट आएं लेकिन लौटने के बाद उन्हें पहले संबंधित आरटीओ दफ्तर जाना होगा जहां बसों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा |
ऑडिट में आरटीओ की टीम यह देखेगी कि यह बसें ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के मानकों के अनुरूप हैं या नहीं ? यदि एआईएस मानक नहीं हैं , तो उन्हें इन उपकरणों को लगवाने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा | इसके बाद भी मानकों का पालन न करने वाली बसों को वाहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा ब्लैकलिस्ट होने के बाद बस ऑपरेटर्स किसी भी तरह की सरकारी सुविधा के पात्र नहीं रहेंगे यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक वे अपनी बसों में एआईएस – 119 के तहत अनिवार्य सुरक्षा जांच पूरी नहीं करवा लेते |
एआईएस कोड भारत सरकार व्दारा तय किए गए मानक हैं जो बसों और स्कूल वाहनों की संरचना , इलेक्ट्रिकल और अग्नि सुरक्षा से जुड़े होते हैं खासतौर पर एआईएस – 119 के तहत तहत फायर अलार्म और फायर डिटेक्शन सिस्टम का प्रावधान किया गया है बिना इस सिस्टम के बसों को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी |
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