भोपाल : 21/10/2024 : राजधानी में करोड़ों रुपए की मेफ़ेड्रोन (एमडी ड्रग्स) पकड़ जाने के बाद भी नशे का कारोबार लगातार जारी है | पुराने शहर में रेलवे ट्रैक के किनारों की बस्तियों के 100 से अधिक घरों में हर महीने 5 करोड़ रु. से अधिक का नशा ड्रग्स का कारोबार बेखौफ चल रहा है | हैरत की बात तो यह है कि 15 दिन पहले ही बगरोदा की बंद फैक्ट्री से ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ाई है बावजूद इसके शहर में ड्रग्स का कारोबार खुलेआम फल फूल रहा है | भानपुर, छोला, बजरिया के घरों में आसानी से नशे की पुड़िया महज 400 रु. में उपलब्ध कराई जा रही है | छोला इलाक़े में रेलवे लाइन के दोनों ओर बने घरों में खुलेआम ड्रग्स की बिक्री हो रही है | यहाँ की बस्ती के 100 से अधिक घरों में ड्रग्स बेची जा रही है ड्रग्स बेचने वालों में महिलाएं भी शामिल हैं जो घरों में बैठकर ड्रग्स बेचती हैं और हर महीने करीब 5 करोड़ रु. का कारोबार करती हैं | रेलवे ट्रैक के किनारे लगी झाड़ियों पर जगह-जगह नशेड़ियों की गैंग हाथ में छोटी सी पुड़िया, सिगरेट लिए बैठी रहती है, यहाँ कई युवा ड्रग्स लेते नजर आते हैं, छोला क्षेत्र के रेलवे ट्रैक के पास 350 से अधिक झुग्गियां बनी हुई हैं, यहां हर घर से रोजाना औसतन 50 पुड़िया बिकती हैं | इसके अलावा शहर के अलग-अलग इलाकों में भी नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है, लेकिन पुलिस कारोबार करने वाले आरोपियों तक नहीं पहुँच पा रही है जिसके चलते आरोपी बेखौफ नशे के कारोबार को अंजाम देकर देश के युवाओं की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं | इसके बाद भी यहां की पुलिस इतनी बेफिक्र है किउसे शहर में खुलेआम चल रहे नशे के कारोबार की कोई खबर तक नहीं है |
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